तमिलनाडु तट पार करने के बाद कमजोर हुआ चक्रवात ‘मंदोस’, चार लोगों की मौत

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तमिलनाडु तट पार करने के बाद कमजोर हुआ चक्रवात ‘मंदोस’, चार लोगों की मौत

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  • Publish Date - December 10, 2022 / 03:04 PM IST,
    Updated On - December 10, 2022 / 05:28 PM IST

(तस्वीरों सहित)

चेन्नई, 10 दिसंबर (भाषा) मामल्लापुरम तट पार करने वाला चक्रवाती तूफान ‘मंदोस’ गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होकर कमजोर हो गया है लेकिन इसका शहर और उसके आसपास के इलाकों में काफी असर पड़ा है जिससे कई पेड़ उखड़ गए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा कि चक्रवात ने नौ और 10 दिसंबर की मध्यरात्रि को 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तट पार किया जिसके असर से शहर में करीब 400 पेड़ उखड़ गए।

उन्होंने विस्तृत जानकारी दिए बगैर बताया कि चार लोगों की मौत हो गयी है।

यहां वृहद चेन्नई निगम समेत विभिन्न निकाय एजेंसी गिरे हुए पेड़ों को हटाने में लगी रहीं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग चेन्नई ने ट्वीट किया, ‘‘चक्रवाती तूफान मंदोस (जिसका मतलब खजाने की पेटी है) उत्तरी तमिलनाडु तट पर गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होकर कमजोर हो गया। यह 10 दिसंबर को दोपहर तक पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा तथा धीरे-धीरे कमजोर होकर दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा।’’

काशीमेडु क्षेत्र में स्थिति की समीक्षा करने वाले स्टालिन ने पत्रकारों से कहा कि सरकार ने सभी एहतियाती कदम उठाए और इसके कारण कोई बड़ा नुकसान होने से बच पाया।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले ही योजना बनाने के कारण इस सरकार ने साबित किया कि किसी भी आपदा से निपटा जा सकता है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेज हवा चलने के कारण करीब 400 पेड़ उखड़ गए और कई पेड़ बिजली के खंभों पर गिरे लेकिन इन्हें हटाने का काम तेज गति से किया गया। उन्होंने कहा कि करीब 25,000 निकाय कर्मी विभिन्न गतिविधियों में लगे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि शहर में 22 सबवे पर कोई जलभराव नहीं है और यातायात सुचारू है तथा पड़ोसी जिलों-चेंगलपेट, कांचीपुरम और विल्लुपुरम में बचाव कार्य तेज किया जा रहा है।

स्टालिन ने बताया कि चक्रवात से बिजली के खंभों और ट्रांसफॉर्मर को नुकसान पहुंचने के कारण 600 स्थानों पर बिजली गुल रही और इनमें से 300 स्थानों पर बिजली बहाल कर दी गयी है तथा बाकी काम शाम तक पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और अगर आवश्यकता पड़ी तो केंद्रीय सहायता मांगी जाएगी।

इससे पहले, राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन ने कहा कि 9,000 से अधिक लोगों को 205 राहत केंद्रों में रखा गया है।

अधिकारियों के अनुसार, चक्रवात के कारण शुक्रवार सुबह छह बजे से आज सुबह छह बजे के बीच कुल 30 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गईं। आज सुबह कुछ देर के लिए हवाई अड्डे के रनवे को बंद कर दिया गया।

इसके अलावा, चेन्नई से रवाना होने वाली नौ उड़ानों को रद्द कर दिया गया जबकि यहां आने वाली 21 उड़ानों का मार्ग दूसरे शहरों की ओर परिवर्तित किया गया।

भाषा

गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल