असम में बाढ़ में मरने वालों की संख्या 80 हुई, दो लाख से अधिक लोग प्रभावित
असम में बाढ़ में मरने वालों की संख्या 80 हुई, दो लाख से अधिक लोग प्रभावित
(फोटो के साथ)
गुवाहाटी, 31 जुलाई (भाषा) असम में बाढ़ के कारण दो और लोगों की मौत होने से कुल मृतक संख्या बढ़कर 80 हो गई है, जबकि राज्य के आठ जिलों में 2.12 लाख लोग अब भी प्रभावित हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों द्वारा लिए गए सभी प्रकार के ऋणों की अदायगी पर छह महीने की मोहलत (मोराटोरियम) की घोषणा की है। उसने अभूतपूर्व बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित लोगों के राहत और पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से सहायता पैकेज की मांग भी की है।
अधिकारियों ने बताया कि शिवसागर जिले में दो और लोगों की जान चली गयी जिसके साथ ही इस वर्ष आई विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
गोलाघाट, शिवसागर, विश्वनाथ, चराइदेव, कामरूप (महानगर), जोरहाट, धेमाजी और नौगांव जिलों के कुल 21 राजस्व मंडल और 437 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
बाढ़ से 2,12,400 लोग प्रभावित हुए हैं। उसका सबसे बुरा असर चराइदेव जिले पर पड़ा है जहां लगभग 80,000 लोग प्रभावित हैं। शिवसागर में 71,000 और जोरहाट में 40,000 लोग बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं।
हालांकि, बुधवार की तुलना में स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है।
प्रशासन चार जिलों में 112 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां फिलहाल 75,583 प्रभावित लोगों को शरण दी गई है।
भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, पुलिस और नागरिक एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की एक विशेष बैठक में शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में ऋण लेने वाले ग्राहकों के लिए एक राहत योजना पर फैसला किया गया। इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), भारतीय स्टेट बैंक (एबीआई) और सभी वाणिज्यिक बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘एसएलबीसी ने निर्णय लिया है कि इन जिलों के सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को ऋण भुगतान में छह महीने मोहलत की पेशकश की जाएगी।’’
शर्मा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों द्वारा लिए गए सभी प्रकार के ऋणों की अवधि, ऋण की प्रकृति के अनुसार सभी बैंकों में एक वर्ष से बढ़ाकर अधिकतम सात वर्ष तक की जा सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम के समक्ष अपनी सहायता पैकेज की मांग रखी है, जिसने असम के बाढ़ प्रभावित जिलों का अपना चार दिवसीय दौरा बुधवार को पूरा किया था।
भाषा खारी राजकुमार
राजकुमार

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