तिरुवनंतपुरम, सात जून (भाषा) केंद्र की ‘पीएम श्री’ स्कूल योजना को लेकर केरल में रविवार को भी राजनीतिक खींचतान जारी रही। सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने कहा कि विस्तृत चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जबकि विपक्षी एलडीएफ ने राज्य सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
शनिवार को केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने कहा था कि सरकार पीएम श्री योजना के कार्यान्वयन पर सभी पहलुओं की जांच करने और विशेषज्ञों से परामर्श करने के बाद ही निर्णय लेगी।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि पिछली एलडीएफ सरकार ने केंद्र के साथ पहले ही समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘एक बार सरकार द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए जाने के बाद, उससे पीछे हटना आसान नहीं होता।’’
मुरलीधरन ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘फैसला लेने से पहले हम सभी पहलुओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे।’’
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के वरिष्ठ नेता पी एम ए सलाम ने भी कहा कि अंतिम निर्णय लेने से पहले सत्ताधारी गठबंधन के भीतर इस मामले पर चर्चा की जाएगी।
हालांकि, भाकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जी आर अनिल ने यूडीएफ और आईयूएमएल पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नीतियों को धीरे-धीरे लागू करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘पीएम श्री योजना उन पहल में से एक थी जिनका यूडीएफ, विशेष रूप से आईयूएमएल ने, सबसे कड़ा विरोध किया था।’’
भाषा शफीक नरेश
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