हरिद्वार में अर्धकुंभ से पहले कच्चे मांस की दुकानें हटाए जाने का निर्णय

हरिद्वार में अर्धकुंभ से पहले कच्चे मांस की दुकानें हटाए जाने का निर्णय

हरिद्वार में अर्धकुंभ से पहले कच्चे मांस की दुकानें हटाए जाने का निर्णय
Modified Date: April 7, 2026 / 12:07 am IST
Published Date: April 7, 2026 12:07 am IST

हरिद्वार, छह अप्रैल (भाषा) अगले वर्ष होने वाले अर्धकुंभ मेले से पहले हरिद्वार नगर निगम ने शहरी क्षेत्र से कच्चे मांस की सभी दुकानों को हटाने का निर्णय लिया है। यह फैसला सोमवार को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में बहुमत से पारित किया गया।

हरिद्वार की महापौर किरण जैसल ने बताया कि शहर में मांस की संचालित सभी लाइसेंसी और अवैध दुकानों को हटाकर निकटवर्ती सराय गांव में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए सराय गांव में नगर निगम द्वारा 57 दुकानों का निर्माण कराया गया है।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

नगर निगम ने इस संबंध में नगर पालिका उपनियम में संशोधन का प्रस्ताव भी पारित किया है। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि वर्ष 1935 के उपनियम के अनुसार हरकी पौड़ी से पांच किलोमीटर के दायरे में मांस, मदिरा और अंडों की बिक्री और सेवन पर पहले से ही प्रतिबंध है। अब संशोधन के बाद कच्चे मांस की बिक्री पूरी तरह शहरी क्षेत्र से बाहर होगी।

वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेद भी सामने आए। महापौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्रस्ताव का विरोध कर दोहरा रवैया अपनाया है।

दूसरी ओर, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि उनकी पार्टी उपनियम के अनुसार मांस के साथ ही मदिरा और अंडों की बिक्री व सेवन पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के पक्ष में है।

उन्होंने कहा कि केवल कच्चे मांस की दुकानों को शहर से बाहर करने से धार्मिक भावनाओं की पूरी तरह रक्षा नहीं होगी, इसके लिए अन्य प्रतिबंधों को भी लागू करना जरूरी है।

भाषा

सं, दीप्ति रवि कांत


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