मानहानि मामला: प्रिया रमानी के खिलाफ एमजे अकबर की याचिका पर अंतिम सुनवाई 24 सितंबर को

मानहानि मामला: प्रिया रमानी के खिलाफ एमजे अकबर की याचिका पर अंतिम सुनवाई 24 सितंबर को

मानहानि मामला: प्रिया रमानी के खिलाफ एमजे अकबर की याचिका पर अंतिम सुनवाई 24 सितंबर को
Modified Date: March 16, 2026 / 04:19 pm IST
Published Date: March 16, 2026 4:19 pm IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने यौन दुर्व्यवहार के आरोपों से संबंधित मानहानि मामले में पत्रकार प्रिया रमानी को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.जे. अकबर की याचिका पर अंतिम सुनवाई के लिए सोमवार को 24 सितंबर की तारीख तय की।

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, “अधीनस्थ न्यायालय के रिकॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं। दोनों पक्षों ने लिखित दलीलें दाखिल कर दी हैं। अंतिम सुनवाई अगली तारीख को होगी।”

अकबर ने अधीनस्थ न्यायालय द्वारा 17 फरवरी, 2021 को रमानी को बरी किये जाने के आदेश को चुनौती दी है।

निचली अदालत ने रमानी को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि एक महिला को दशकों बाद भी अपनी पसंद के किसी भी मंच पर अपनी शिकायतें रखने का अधिकार है।

उच्च न्यायालय ने 13 जनवरी, 2022 को निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अकबर की अपील को स्वीकार कर लिया था।

अकबर ने अपनी अपील में दलील दी कि अदालत ने उनके आपराधिक मानहानि मामले का फैसला अनुमानों और अटकलों के आधार पर दिया था।

याचिका में बताया गया कि निचली अदालत रिकॉर्ड पर मौजूद दलीलों और साक्ष्यों को समझने में विफल रही।

निचली अदालत ने अकबर द्वारा दायर मानहानि की याचिका को खारिज कर दिया था और रमानी को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि उनके खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हुए।

अदालत ने कहा था कि यह शर्मनाक है कि जिस देश में ‘महाभारत’ और ‘रामायण’ जैसे महान महाकाव्य महिलाओं के सम्मान के बारे में लिखे गए हैं, वहां महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं।

रमानी ने 2018 में ‘मीटू’ अभियान के तहत अकबर पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश


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