दिल्ली : प्रतिरोपित पेड़ों के बारे में देहरादून के संस्थान को छह महीने में देनी होगी रिपोर्ट
दिल्ली : प्रतिरोपित पेड़ों के बारे में देहरादून के संस्थान को छह महीने में देनी होगी रिपोर्ट
नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) दिल्ली में एक जगह से दूसरी जगह पर प्रतिरोपित वृक्षों के सूखने के कारणों का अध्ययन कर रहा वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून छह महीने में अपनी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा जबकि अंतिम रिपोर्ट 12 महीने में प्रस्तुत करनी होगी।
विभाग के एक सूत्र ने बताया कि स्वीकृत बजट की पहली किस्त जारी होने के बाद से यह अध्ययन एक वर्ष की अवधि तक जारी रहेगा और इसके लिए 30 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
सूत्र ने बताया कि अंतरिम रिपोर्ट वृक्ष को एक जगह से दूसरी जगह पर प्रतिरोपित करने को लेकर आंकड़ों की समीक्षा पर केंद्रित होगी जबकि अंतिम रिपोर्ट में क्षेत्र आकलन व वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर विस्तृत निष्कर्ष प्रस्तुत की जाएगी।
‘पीटीआई-भाषा’ ने पूर्व में खबर दी थी कि संस्थान को कुछ ही प्रतिरोपित वृक्षों के जीवित रहने के कारणों की पहचान करने का जिम्मा सौंपा गया है।
यह कदम कई वृक्षों के सूखने पर चिंताओं के बीच उठाया गया है।
संस्थान की एक पिछली रिपोर्ट के अनुसार, वृक्षों के बचने की दर 35.45 प्रतिशत थी।
वन विभाग के आंकड़ों से यह भी पता चला कि 2019 से 2022 के बीच प्रतिरोपित 1,357 वृक्षों में से केवल 578 ही जीवित बचे, यानी यह दर 42.5 प्रतिशत रही।
दिल्ली के पर्यावरण एवं वन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पूर्व में ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि इस अध्ययन का उद्देश्य पेड़ों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रतिरोपित करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
भाषा जितेंद्र अविनाश
अविनाश

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