देहरादून, 24 जून (भाषा) निहंग सिखों के पांच सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की और बाद में पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मिलकर कर्णप्रयाग घटना की त्वरित जांच कराने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने आगामी तीर्थयात्राओं के लिए डीजीपी के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की।
यह बैठक रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में लगभग 72 घंटे तक चले गतिरोध के खत्म होने के एक दिन बाद हुई। गुरुद्वारे की छत पर डटे निहंग सिखों के एक जत्थे के शांतिपूर्वक नीचे उतर आने के बाद मंगलवार को यह गतिरोध समाप्त हुआ था।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कर्णप्रयाग में होने वाले आगामी धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर भी चिंता जताई, क्योंकि बृहस्पतिवार को ‘संगत’ का कार्यक्रम निर्धारित है।
मुख्यमंत्री धामी और डीजीपी दीपम सेठ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि हालिया घटनाओं की गहन जांच की जा रही है और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त कदम उठाए जाएंगे।
बैठकों के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बाबा अजीत सिंह ने कहा, ‘‘आज, हमने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिन्होंने हमें आश्वासन कि कर्णप्रयाग घटना की जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।’’
उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल को बाद में पुलिस मुख्यालय में अपनी बैठक के दौरान भी ऐसा ही आश्वासन मिला।
सिंह ने कहा, ‘‘इसके बाद हम डीजीपी से मिले, जिन्होंने हमें आश्वासन दिया कि जांच चल रही है और जांच के नतीजों के आधार पर उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।’’
डीजीपी सेठ ने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने कई संगठनों के साथ मिलकर कर्णप्रयाग और नगरासू में हालात को काबू करने के लिए धैर्य और संयम से काम लिया।
उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाली, भड़काऊ और भय पैदा करने वाली सामग्री फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सेठ ने कहा, ‘‘हालिया घटनाओं के संबंध में, पुलिस और प्रशासन ने विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए धैर्य और संयम से काम लिया। हालांकि, कुछ लोगों द्वारा आपत्तिजनक और अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया जाना हमारे संज्ञान में आया है और ऐसे मामलों को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है।’’
डीजीपी ने कहा कि चार धाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा सुचारू रूप से हो रही है।
उन्होंने तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय परंपराओं, रीति-रिवाजों और मान्यताओं का सम्मान करें ताकि स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत न हों और कानून-व्यवस्था बरकरार रखने में मदद मिले।
डीजीपी ने कहा, ‘‘उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन, तीर्थयात्राओं को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।’’
बदरीनाथ-राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग और गोचर के बीच स्थित नगरासू गुरुद्वारे में गतिरोध शनिवार शाम को उस समय शुरू हुआ था, जब निहंग सिखों का एक जत्था वहां पहुंचा और गुरुद्वारा प्रबंधन से हुए विवाद के बाद छत पर चढ़ गया।
उन्होंने छत तक जाने वाले मार्ग को भी बंद कर दिया था और उनके पास भाला व कृपाण जैसे शस्त्र भी थे।
यह गतिरोध मंगलवार को समाप्त हो गया और गुरुद्वारे की छत पर डटे निहंग सिख शांतिपूर्वक नीचे उतर आए।
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, जिला प्रशासन व पुलिस, पंजाब और पोंटा साहिब से आए सिख समुदाय के धार्मिक एवं प्रबुद्धजनों के प्रतिनिधिमंडल के समन्वित प्रयासों से सभी पक्षों के बीच संवाद हुआ, जिसके बाद गतिरोध समाप्त हो गया।
कर्णप्रयाग में 16 जून को स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच मामूली विवाद के दौरान कथित तौर पर तलवार से किये गये हमले में कुछ लोग घायल हो गए थे।
घटना में एक निहंग सिख भी घायल हुआ था।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था।
भाषा सुभाष माधव
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