दिल्ली भाजपा में बड़े बदलाव की तैयारी; नई टीम में अनुभवी और युवा नेताओं का मिश्रण होगा

Ads

दिल्ली भाजपा में बड़े बदलाव की तैयारी; नई टीम में अनुभवी और युवा नेताओं का मिश्रण होगा

  •  
  • Publish Date - June 15, 2026 / 05:24 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 05:24 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई में बड़े बदलाव की योजना है, जिसके तहत मौजूदा पदाधिकारियों में से करीब 70-80 प्रतिशत को बदला जाएगा और उनके स्थान पर नए चेहरों और युवा नेताओं को मौका दिया जाएगा। पार्टी नेताओं ने सोमवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली भाजपा के नए अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में पार्टी पहले से ही ज़िला इकाइयों के पुनर्गठन में जुटी हुई है।

दिल्ली भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, ‘उम्मीद है कि जुलाई तक प्रदेश इकाई में पूरी तरह से बदलाव कर दिया जाएगा।’

उन्होंने कहा, ‘जोर ऐसे नए नेताओं को मौका देने पर होगा जिनका काम करने का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। इस पुनर्गठन के कारण मौजूदा पदाधिकारियों में से लगभग 70-80 प्रतिशत को पद छोड़ना पड़ सकता है। यह भी योजना है कि ज़्यादा युवा नेताओं, खासकर 45 साल से कम उम्र के नेताओं को अलग-अलग पदों पर काम करने का मौका दिया जाए।’

इससे पहले, मल्होत्रा ने पत्रकारों को बताया कि पुनर्गठन का काम जुलाई तक पूरा हो जाएगा और उनकी अगुवाई वाली नई टीम अगले साल होने वाले दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनावों से पहले काम संभाल लेगी।

मल्होत्रा ने पिछले महीने दिल्ली भाजपा अध्यक्ष का पद संभाला। वह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री भी हैं।

पार्टी नेताओं ने बताया कि मौजूदा पदाधिकारियों को बड़े पैमाने पर बदलने की ज़रूरत इसलिए पड़ी क्योंकि उनमें से कई फरवरी 2025 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद विधायक बन गए हैं।

भाजपा की प्रदेश इकाई में अध्यक्ष और महासचिव (संगठन) के अलावा आठ उपाध्यक्ष, तीन महासचिव, एक कोषाध्यक्ष और नौ सचिव शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी से जुड़े संगठनों में भी संगठनात्मक फेरबदल के तहत बदलाव किए जाएंगे।

पार्टी उन अनुभवी कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी प्राथमिकता देगी जिन्होंने विधानसभा चुनावों के दौरान अपनी काबिलियत और संगठनात्मक व प्रचार कौशल का प्रदर्शन किया है।

भाजपा की नज़र एमसीडी चुनावों पर भी है। दरअसल, वह पिछला निगम चुनाव आम आदमी पार्टी (आप) से हार गई थी, लेकिन ‘आप’ के कई पार्षदों के पाला बदलने से उसने नगर निकाय पर दोबारा नियंत्रण पा लिया।

उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए, प्रदेश भाजपा अपनी टीम में अपने कुछ मौजूदा पार्षदों को भी शामिल कर सकती है।

भाषा नोमान

नोमान रंजन

रंजन

रंजन