नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान ने ल्यूप्रोलाइड समेत कम आपूर्ति वाली दवाओं की खरीद शुरू कर दी है और अनुपलब्ध एक एंटीबायोटिक दवा के विकल्प के तौर पर अन्य दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। राज्य सरकार ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, संस्थान ने हाल में वहां दवाओं की कमी की खबरों के बाद उनकी उपलब्धता की जांच की।
बयान में स्पष्ट किया गया कि खबरों में जिन कई दवाओं का उल्लेख किया गया था, उनमें टैमोक्सिफेन, अबिराटेरोन, इरिनोटेकान, मॉर्फिन और फेंटेनाइल पैच उपलब्ध हैं।
बयान में कहा गया कि खबर में जिस विशेष एंटीबायोटिक दवा का उल्लेख किया गया था, वह फिलहाल उपलब्ध नहीं है, लेकिन मरीजों की जरूरत पूरी करने के लिए संस्थान में उसके स्थान पर इस्तेमाल की जाने वाली अन्य एंटीबायोटिक दवाएं उपलब्ध हैं।
बयान में कहा गया कि ल्यूप्रोलाइड समेत कुछ अन्य दवाओं की खरीद पहले ही प्रक्रिया में है और इनके जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है।
संस्थान ने यह भी कहा कि दर्द के उपचार के लिए जरूरी ‘मॉर्फिन’ और ‘ट्रामाडोल’ समेत दवाएं उपलब्ध हैं।
बयान में कहा गया कि जिन दवाओं का भंडार कम था, उनके लिए आपूर्ति के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और उपचार में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान और दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता पर करीब से नजर रख रही है तथा संस्थान से वास्तविक स्थिति की पुष्टि की गई है और जिन दवाओं का भंडार फिलहाल कम है, उनकी खरीद पहले ही शुरू हो चुकी है।
विभाग ने कहा कि संस्थान में विभिन्न दवाओं की कुल उपलब्धता करीब 90 प्रतिशत है। अधिकतर जरूरी दवाएं बाह्य रोगी विभाग के मरीजों के लिए दवा केंद्र और भर्ती मरीजों के लिए अस्पताल के वार्ड में उपलब्ध हैं।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
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