नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को पत्र लिखकर ‘फांसी घर’ मुद्दे पर छह मार्च को समिति के समक्ष अपनी उपस्थिति की पुष्टि की और कार्यवाही का सीधा प्रसारण किये जाने की मांग की।
समिति दिल्ली विधानसभा के एक पुनर्निर्मित हिस्से से संबंधित मामले की जांच कर रही है, जिसका उद्घाटन आम आदमी पार्टी (आप) के शासनकाल में ब्रिटिश काल के ‘फांसी घर’ के रूप में किया गया था, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दावा है कि यह एक भोजन करने का कक्ष था।
समिति ने इस मामले में केजरीवाल और आप के अन्य सदस्यों की उपस्थिति निर्धारित की थी।
समिति के अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में केजरीवाल ने सूचित किया कि वह समिति के समन के अनुपालन में छह मार्च को समिति की सुनवाई में उपस्थित होंगे।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर किये गए एक पोस्ट में लिखा, ‘‘दिल्ली प्रदूषण से जूझ रही है, सड़कें टूटी हुई हैं, हर जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और अस्पतालों में दवाइयों की कमी है। दिल्ली विधानसभा ने मुझे ‘फांसी घर’ के मुद्दे पर पूछताछ के लिए तलब किया है।”
उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘‘पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही के हित में, मैं अनुरोध करता हूं कि इस मामले में समिति की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए।’’
पिछले महीने, समिति ने केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राम निवास गोयल और विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिरला की अंतिम व्यक्तिगत उपस्थिति छह मार्च को निर्धारित की थी और उनके बयान भी प्रस्तुत किए जाने हैं।
इससे पहले, छह जनवरी को विशेषाधिकार समिति ने सिफारिश की थी कि सदन आम आदमी पार्टी के इन चारों नेताओं के खिलाफ मामले में पेश न होने के लिए उचित कार्रवाई करे।
यह मामला मूल रूप से अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उठाया था, जिसमें उस ‘फांसी घर’ की प्रामाणिकता से संबंधित सवाल किये गए हैं, जिसका तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा नौ अगस्त 2022 को दिल्ली विधानसभा परिसर में उद्घाटन किया गया था।
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा था कि 2022-23 के दौरान ‘अस्तित्वहीन फांसी घर’ पर लगभग 1.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। विधानसभा ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल और अन्य को नए सिरे से समन जारी किया था।
भाषा संतोष दिलीप
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