दिल्ली कांग्रेस ने उपराज्यपाल से ’लक्ष्मी योजना” की “अनावश्यक शर्तों” को हटाने की मांग की

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दिल्ली कांग्रेस ने उपराज्यपाल से ’लक्ष्मी योजना” की “अनावश्यक शर्तों” को हटाने की मांग की

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 07:04 PM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 07:04 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से लक्ष्मी योजना की उन “अनावश्यक शर्तों” को हटाने की मांग की, जिनमें सालाना 2,400 यूनिट से अधिक बिजली खपत होने और महिला के दो से अधिक बच्चे न होने जैसी बंदिशें लगाई गई हैं।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ नरेश कुमार ने उपराज्यपाल को ज्ञापन भेजकर अपील की है कि दिल्ली लक्ष्मी योजना की पात्रता की अनावश्यक शर्तों को वापस लिया जाए और दिल्ली की सभी महिलाओं को बिना किसी भेदभाव के इस योजना का लाभ प्रदान किया जाए।

कांग्रेस नेता ने एक बयान में कहा कि दिल्ली में महिलाओं की संख्या लगभग 75 लाख है, जबकि सरकार केवल 17 लाख महिलाओं को ही इस योजना का लाभ देने की बात कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट है कि सरकार अपने चुनावी वादे से पीछे हटने के बहाने ढूंढ रही है।

कुमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने संकल्प पत्र में दिल्ली की सभी महिलाओं को बिना किसी जटिल शर्त के हर महीने 2,500 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद जारी की गई योजना में ऐसी अनेक शर्तें जोड़ दी गई हैं, जिससे दो-तीन लाख महिलाएं ही योजना के दायरे में आ पाएंगी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि इसके अलावा सरकार ने 2,500 रुपये में से 1,500 रुपये आरडी या एफडी में जमा कराना अनिवार्य कर दिया है, जबकि शेष 1,000 रुपये भी निर्धारित नियमों के तहत ही खर्च किए जा सकेंगे।

दिल्ली में भाजपा की सरकार ने अपना चुनावी वादा पूरा करते हुए महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को मंगलवार को मंजूरी दी।

दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि, जिन महिलाओं के तीन बच्चे हैं और जो ऐसे परिवारों से आती हैं, जिनकी सालाना बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।

सरकार के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इससे दिल्ली की 17 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

भाषा नोमान नोमान पवनेश

पवनेश