दिल्ली की अदालत ने 2019 के एनडीपीएस मामले में एक व्यक्ति को बरी किया

दिल्ली की अदालत ने 2019 के एनडीपीएस मामले में एक व्यक्ति को बरी किया

  •  
  • Publish Date - January 13, 2026 / 06:41 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 06:41 PM IST

नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में एक व्यक्ति को बरी कर दिया और कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ अपना मामला साबित करने में विफल रहा है।

यह मामला उसके पास से कथित तौर पर गांजा जब्त किए जाने से संबंधित था।

विशेष न्यायाधीश पुनीत पाहवा, बाबू उर्फ ​​राहुल के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। बाबू को 2019 में उसके बैग से कथित तौर पर 1.84 किलोग्राम गांजा मिलने के बाद एनडीपीएस मामले में आरोपी बनाया गया था।

नौ जनवरी को दिए एक आदेश में न्यायालय ने कहा, ‘यह कहा जा सकता है कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा है कि आरोपी बाबू उर्फ ​​राहुल के पास कथित तौर पर 1.84 किलोग्राम गांजा पाया गया था। इसलिए, आरोपी संदेह का लाभ पाने का हकदार है और इसलिए आरोपी बाबू उर्फ ​​राहुल को इस मामले में बरी किया जाता है।’

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास और विसंगतियां पाई गईं, इसलिए इन बयानों पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता और इन्हें सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

29 जून 2019 को उसके बैग से कथित तौर पर 1.84 किलोग्राम गांजा (मारिजुआना) मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।

दयालपुर थाने में उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश