कोचिंग सेंटर में मौत के मामले में दिल्ली की अदालत ने याचिका को स्वीकार किया

कोचिंग सेंटर में मौत के मामले में दिल्ली की अदालत ने याचिका को स्वीकार किया

कोचिंग सेंटर में मौत के मामले में दिल्ली की अदालत ने याचिका को स्वीकार किया
Modified Date: March 12, 2026 / 07:40 pm IST
Published Date: March 12, 2026 7:40 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर इलाके में एक कोचिंग सेंटर के तलघर में 27 जुलाई, 2024 को पानी भरने से सिविल सेवा के तीन अभ्यर्थियों की मौत के सिलसिले में एक अभ्यर्थी के पिता की तरफ से दाखिल की गयी याचिका को शहर की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को स्वीकार कर लिया।

याचिका में आगे जांच किये जाने की मांग की गयी है।

राउज एवेन्यू कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश भट्ट ने कहा, “विरोध याचिका स्वीकार कर ली गई है। जांच अधिकारी (आईओ) को आगे की जांच करने का निर्देश दिया जाता है।”

विस्तृत आदेश का इंतजार है।

मृतक नेविन डाल्विन के पिता डाल्विन सुरेश के वकील अभिजीत आनंद ने एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि केंद्रीय एजेंसी के जांच अधिकारी (आईओ) ने “स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच” नहीं की।

नौ जनवरी की याचिका में दावा किया गया है कि “पूरी जांच दिखावटी और लापरवाही से की गई है और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सभी पहलुओं से इसकी जांच नहीं की गई है।”

पिछले महीने सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा था, “जांच निष्पक्ष, पूरी तरह से और कानून के अनुसार की गई है, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश भी शामिल हैं। आगे की जांच का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि सभी भौतिक साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं और सभी प्रासंगिक पहलुओं से उनकी जांच की गई है।”

एजेंसी के अनुसार, जांच पूरी तरह से, निष्पक्ष और व्यापक थी, और मामले के परिणाम पर असर डालने वाले सभी प्रासंगिक तथ्यों और सामग्रियों की विधिवत जांच की गई और उन्हें रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

जांच अधिकारी ने इस आरोप का खंडन किया कि उसने किसी आरोपी व्यक्ति या दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और अग्निशमन सेवा के अधिकारियों के साथ मिलीभगत की थी।

सीबीआई ने बताया, “जांच के दौरान यह साबित हो गया है कि ओल्ड राजिंदर नगर के संबंधित इलाके में जलभराव की समस्या हुआ करती थी।” उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान इमारत के तलघर से कोचिंग सेंटर चलाने का पहलू भी स्थापित हो गया है और यह आरोप पत्र में नामित आरोपी लोक सेवकों के साथ-साथ निजी व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों का हिस्सा है।

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश


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