दिल्ली: अदालत ने चिकित्सक पति को दहेज हत्या का दोषी करार दिया
दिल्ली: अदालत ने चिकित्सक पति को दहेज हत्या का दोषी करार दिया
नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बिहार के एक चिकित्सक को पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का दोषी करार दिया।
अदालत ने कहा कि 2014 में शादी के तीन महीने के भीतर ही महिला ने एल्युमिनियम फॉस्फाइड नामक जहर खाकर आत्महत्या कर ली और उससे पहले उसे क्रूरता और उत्पीड़न का शिकार बनाया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुनाली गुप्ता ने फॉक्सवैगन कार और 50 लाख रुपये की मांग कर पत्नी को प्रताड़ित करने के मामले में प्रशांत कुमार सिन्हा के खिलाफ दर्ज मुकदमे की सुनवाई की।
अदालत ने 30 मई को पारित आदेश में कहा, ‘‘आरोपी ने पत्नी पर दबाव डालकर उसे फॉक्सवैगन कार और 50 लाख रुपये दहेज के रूप में देने के लिए मजबूर किया और उसके साथ क्रूरता की। अतः, आरोपी को क्रूरता और दहेज प्रताड़ता की वजह से मौत का अपराध करने का दोषी ठहराया जाना चाहिए।’’
डॉ.रेखा की छह मार्च 2014 को हुई मृत्यु के संबंध में महरौली पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और अदालत ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498ए (पति द्वारा क्रूरता) और 304बी (दहेज हत्या) के तहत आरोप तय किए थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, रेखा ने 12 दिसंबर 2013 को सिन्हा से शादी की और दिल्ली के उस फ्लैट में जहर खाने से उसकी मृत्यु हो गई, जहां आरोपी ठहरे हुए थे। चिकित्सकीय साक्ष्यों से यह सिद्ध हुआ कि मृत्यु का कारण एल्युमीनियम फॉस्फाइड विषाक्तता था।
अभियोजन पक्ष ने मृतका के भाइयों और भाभी की गवाही को आधार बनाया, जिन्होंने कहा कि रेखा ने उन्हें बताया था कि उसके पति और ससुराल वाले एक फॉक्सवैगन कार और 50 लाख रुपये की मांग कर रहे थे और इस मांग को लेकर उसे परेशान कर रहे थे।
बचाव पक्ष ने अभियाजन पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए दावा किया कि रेखा को उसके मेडिकल कॉलेज में कथित रैगिंग और उत्पीड़न के कारण आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया था।
अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य से उसकी मृत्यु से कुछ समय पहले दहेज की मांगों के संबंध में क्रूरता और उत्पीड़न साबित होता है।
भाषा धीरज माधव
माधव

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