दिल्लीः नौकरी दिलाने के बहाने ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सात गिरफ्तार
दिल्लीः नौकरी दिलाने के बहाने ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सात गिरफ्तार
नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने नौकरी दिलाने के बहाने बेरोज़गारों के साथ कथित रूप से ठगी करने वाले एक गिरोह का भड़ाफोड़ करते हुए पांच महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में अपंजीकृत ‘प्लेसमेंट’ एजेंसी संचालित कर रहे थे और ऑनलाइन रोजगार पोर्टल के माध्यम से बेरोजगारों को लुभा रहे थे।
इस मामले का भंडाफोड़ करोल बाग निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर हुआ। उसने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा कि पोर्टल पर नौकरी के लिए आवेदन करने के बाद उसे मानव संसाधन (एचआर) कर्मी होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति का संदेश आया और उसे 25 जुलाई को उत्तम नगर स्थित एजेंसी के दफ्तर में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। यहां उससे पंजीकरण एवं खाता खोलने के शुल्क के तौर पर 4,800 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा गया। शिकायत के मुताबिक, उसने पैसे का भुगतान ऑनलाइन किया।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसे आश्वासन दिया गया कि नौकरी शुरू करने के बाद उसे यह रकम वापस कर दी जाएगी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उसे न तो नौकरी दिलाई गई और न ही उसका पैसा वापस किया गया और जिस मोबाइल नंबर के जरिए वह आरोपी के साथ संपर्क में था, वह नंबर बाद में बंद हो गया।
उसकी शिकायत के आधार पर एक अगस्त को मामला दर्ज किया गया। पुलिस की एक टीम ने मोबाइल फोन रिकॉर्ड की जांच की और यह देखा कि पैसा किस बैंक खाते में भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने उत्तम नगर के जीवन पार्क स्थित ‘प्लेसमेंट’ एजेंसी के दफ्तर पर छापा मारा।
अधिकारी ने बताया कि टीम ने परिसर से सात लोगों को पकड़ा जिनकी पहचान गिरोह की कथित सरगना प्रीति मल्होत्रा (34), दिव्या (33), ललिता उर्फ पिंकी( 32), नैना (33), प्रियंका (28), कपिल कुमार शर्मा (30) और ललित कुमार (28) के तौर पर हुई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन पोर्टल पर आकर्षक नौकरियों के विज्ञापन देते थे और एचआर कर्मी बनकर बेरोज़गार लोगों से संपर्क करते थे। पुलिस ने बताया कि फर्जी साक्षात्कार लेने के बाद वह हरेक अभ्यर्थी से तीन से चार हजार रुपये पंजीकरण व खाता खोलने के शुल्क समेत अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर ऐंठते थे और वादा करते थे कि बाद में रकम वापस कर दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में पुलिस को राष्ट्रीय अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जुड़ी पांच शिकायतें मिलीं। उन्होंने बताया कि इससे संकेत मिलता है कि संभवतः कुछ और लोग इस गिरोह का शिकार हुए हों।
पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
पवनेश

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