दिल्ली सरकार ने प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाली 106 औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाली 106 औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाली 106 औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की
Modified Date: August 21, 2026 / 05:51 pm IST
Published Date: August 21, 2026 5:51 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) दिल्ली सरकार ने प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाली 106 औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की है जिनमें से 44 इकाइयों पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है जबकि 33 फैक्टरियों के खिलाफ ‘क्लोजर ऑर्डर’ जारी किए गए है। एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।

बयान में इसे दिल्ली सरकार की राजधानी के लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ हवा उपलब्ध कराने के लिए प्रदूषण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई बताया गया है।

इसके मुताबिक, अधिकारियों ने जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 2,011 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 106 इकाइयां निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं करती हुई पाई गईं, जबकि 78 इकाइयां दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से वैध संचालन की सहमति के बिना संचालित होती मिलीं।

उन्होंने कहा, “सरकार ने इन निरीक्षणों के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। 44 मामलों में पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है, जबकि 33 गैर-अनुपालन वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ ‘क्लोजर ऑर्डर’ जारी किए गए हैं। अन्य मामलों में भी संबंधित पर्यावरणीय कानूनों और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।”

राष्ट्रीय राजधानी को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए गुप्ता ने कहा कि पर्यावरणीय नियमों का पालन करने वाले उद्योगों को सरकार हरसंभव सहयोग देगी, लेकिन जो इकाइयां नियमों का उल्लंघन करेंगी या दिल्ली की हवा को प्रदूषित करेंगी, उनके खिलाफ किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रदूषण के स्रोत पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।”

बयान के अनुसार, सरकार के अभियान का फोकस केवल औद्योगिक प्रदूषण तक सीमित नहीं है। दिल्ली में प्रदूषण के अन्य प्रमुख स्रोतों, जैसे सड़क की धूल, वाहनों से होने वाला प्रदूषण, निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियां, कचरा जलाने और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर भी कार्रवाई की जा रही है।

इसके साथ ही औद्योगिक उत्सर्जन की नियमित और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है ताकि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की समय पर पहचान कर कार्रवाई की जा सके।

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है और दिल्ली के नागरिक भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

गुप्ता ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं औद्योगिक प्रदूषण, खुले में कचरा या अन्य सामग्री जलाने, धूल प्रदूषण, अवैध रूप से कचरा डालने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली कोई गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी सूचना सरकार तक पहुंचाएं।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश


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