नयी दिल्ली, 5 जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए ‘मिशन कायाकल्प’ की शुरुआत की है।
इस योजना के तहत छात्रों के लिए सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने के उद्देश्य से सभी जिलों में स्कूलों की मरम्मत, आधुनिक प्रयोगशालाओं का निर्माण, स्वच्छ पेयजल की सुविधा और परिसर के विकास संबंधी कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को केवल शिक्षा के केंद्रों तक सीमित न रखकर उन्हें आधुनिक, स्वच्छ और प्रेरणादायक शिक्षण स्थलों के रूप में बदलना है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी(सीएसआर) पहलों, सामाजिक संगठनों, बाजार संघों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से इस कार्यक्रम को लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जनभागीदारी से स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के काम में तेजी आ रही है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल के तहत मुख्य रूप से स्कूल भवनों की मरम्मत, दीवारों की पुताई और सफेदी, ‘वाटरप्रूफिंग’, छतों से जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने, शौचालयों के जीर्णोद्धार, जलशुद्धिकरण (आरओ) संयंत्र और ठंडे पानी की मशीन लगाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
इसके साथ ही विज्ञान प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, दिव्यांग बच्चों के अनुकूल सुविधाओं का विकास और परिसरों में हरियाली बढ़ाना भी इसमें शामिल है।
बयान में कहा गया है कि उत्तर, दक्षिण, पश्चिम, उत्तर-पूर्वी और बाहरी उत्तर जिलों के सरकारी स्कूलों में यह कार्य या तो पूरा हो चुका है या तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत कई स्कूलों में पहले ही स्पष्ट बदलाव देखे गए हैं, जहां जर्जर भवनों और अपर्याप्त सुविधाओं की जगह अब बेहतर बुनियादी ढांचे ने ले ली है।
भाषा सुमित संतोष
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