अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर आयोजित भव्य समुद्री समारोह में शामिल हुआ आईएनएस सुदर्शिनी

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अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर आयोजित भव्य समुद्री समारोह में शामिल हुआ आईएनएस सुदर्शिनी

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  • Publish Date - July 5, 2026 / 09:33 PM IST,
    Updated On - July 5, 2026 / 09:33 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) भारतीय नौसेना का पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी तिरंगा शान से लहराते हुए चार जुलाई को न्यूयॉर्क बंदरगाह पहुंचा और ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ के पास से गुजरते हुए अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समुद्री समारोह में अमेरिका तथा कई अन्य देशों के जहाजों के साथ शामिल हुआ।

भारतीय नौसेना ने रविवार को कहा कि ‘इंटरनेशनल नेवल रिव्यू और सेल फोर्थ 250’ समारोह में आईएनएस सुदर्शिनी की भागीदारी ‘‘भारत और अमेरिका के बीच स्थायी मित्रता, आपसी सम्मान और निरंतर मजबूत हो रही समुद्री साझेदारी का भी प्रतीक है।’’

अमेरिका ने चार जुलाई को अपनी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के अवसर पर वाशिंगटन समेत पूरे देश में भव्य समारोह आयोजित किए।

चार जुलाई 1776 को द्वितीय महाद्वीपीय कांग्रेस ने सर्वसम्मति से स्वतंत्रता की घोषणा को अपनाया था, जो अमेरिका का संस्थापक दस्तावेज माना जाता है।

समुद्री राष्ट्र होने के नाते अमेरिका ने इस ऐतिहासिक अवसर पर ‘इंटरनेशनल नेवल रिव्यू और ‘सेल फोर्थ 250’ नामक भव्य आयोजन भी किया।

‘फ्रीडम250’ की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के सम्मान में अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों तथा विमानों के सबसे बड़े बेड़े का ‘‘ऐतिहासिक और जीवन में एक बार होने वाला आयोजन है।’’

वेबसाइट के अनुसार, ‘इंटरनेशनल नेवल रिव्यू’ अमेरिकी नौसेना, मरीन कोर और तटरक्षक बल के माध्यम से अमेरिका की अद्वितीय समुद्री शक्ति, वैश्विक नेतृत्व और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का प्रदर्शन करता है।

वेबसाइट में कहा गया है, ‘‘इस समारोह में दुनिया भर से आए 20 से अधिक देशों के विशाल पालदार जहाजों का अब तक का सबसे बड़ा बेड़ा भी शामिल है, जिसने न्यूयॉर्क बंदरगाह में मनमोहक समुद्री दृश्य प्रस्तुत किया।’’ यह आयोजन चार से आठ जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है।

समुद्र में हुए इस भव्य प्रदर्शन के साथ-साथ आसमान में भी अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने लाल, सफेद और नीले रंग की धारियां बनाते हुए हवाई प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोगों ने तट से इस दृश्य का आनंद लिया, जबकि इसे ऑनलाइन भी देखा गया।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि आईएनएस सुदर्शिनी चार जुलाई को न्यूयॉर्क बंदरगाह पहुंचा, ताकि वह अमेरिका के ‘इंटरनेशनल नेवल रिव्यू और सेल फोर्थ 250’ समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व कर सके।

उन्होंने कहा, ‘‘हडसन नदी पर आयोजित शानदार ‘परेड ऑफ सेल’ के दौरान तीन मस्तूल वाले इस प्रतिष्ठित जहाज पर भारतीय तिरंगा गर्व के साथ लहराया, जिसने भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और सदियों पुरानी नौवहन परंपराओं का गौरवपूर्ण प्रदर्शन किया।’’

यह यात्रा जहाज के 10 माह लंबे अंतरमहासागरीय अभियान ‘लोकायन-2026’ का हिस्सा है, जो समुद्री सहयोग को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय सद्भाव बढ़ाने और मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ संबंधों को और गहरा करने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

न्यूयॉर्क पहुंचने से पहले आईएनएस सुदर्शिनी ने अमेरिका के वर्जीनिया के नॉरफॉक और मैरीलैंड के बाल्टीमोर में आयोजित सेल 250 कार्यक्रमों में सफलतापूर्वक भाग लिया। वर्तमान में यह जहाज अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘सेल फोर्थ’ समारोह के लिए ब्रुकलिन में लंगर डाले हुए है।

यह जहाज 26 जून को बाल्टीमोर पहुंचा था।

बाल्टीमोर पहुंचने से पहले आईएनएस सुदर्शिनी ने 19 से 23 जून तक नॉरफॉक (वर्जीनिया) में आयोजित ‘सेल 250’ वर्जीनिया समारोह में भाग लिया था। वहां उसने दुनिया भर से आए पालदार जहाजों के साथ ‘परेड ऑफ सेल’ और ‘सिटी क्रू परेड’ में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

अमेरिका अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘फ्रीडम 250’ अभियान के तहत अमेरिका के विभिन्न हिस्सों और भारत सहित कई देशों में कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित कर रहा है।

भाषा गोला सुरेश

सुरेश