Govind Dev Giri Statement/Image Credit: X Handle
Govind Dev Giri Statement: अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अयोध्या में 6 जुलाई को श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों की बैठक होने वाली है। इस बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने एक पत्र जारी कर कोषाध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिकाओं का वर्णन करते हुए सफाई दी है।
जारी किए गए पत्र में गोविंद देव गिरी ने कहा है कि, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अत्यंत पीड़ादायक और लज्जित करने वाला है। इससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को चोट पहुंची है। उन्होंने पत्र में अपनी भूमिका को लेकर कहा कि मैंने कभी भी ट्रस्ट का हिस्सा बनने के लिए किसी से निवेदन नहीं किया है और ट्रस्ट के लिए होने वाले खर्च में बैंक के जरिये सीधे भुगतान किया जाता था। (Govind Dev Giri Statement) इसमें मेरे हस्ताक्षर की जरूरत नहीं होती थी। राम मंदिर की ओर से होने वाला सारा व्यय सीधे बैंक ट्रांसफर से होता है।
Govind Dev Giri Statement: कोषाध्यक्ष ने विस्तार से बताया कि, ट्रस्ट का सारा आय-व्यय ऑडिटेड है और चार्टर्ड अकाउंटेंट हर महीने अंतिम 8-10 दिन अयोध्या आकर हिसाब जांचते हैं। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने कभी नकद रूप में कोई चढ़ावा या दान स्वीकार नहीं किया, सिवाय दो अपवादों के एक 99,000 रुपए की राशि और एक किलोग्राम चांदी की ईंट, जिन्हें तुरंत बैंक में जमा करा दिया गया।
उल्लेखनीय है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला खुलने के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे जिस पर उन्होंने पत्र लिखकर जवाब दिया है।
इन्हें भी पढ़ें:-