नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) दिल्ली सरकार कम ऊंचाई वाली आवासीय इमारतों में धुआं पहचानने वाले उपकरण (स्मोक डिटेक्टर) और अग्निशामक यंत्र जैसे अग्नि सुरक्षा उपायों को अनिवार्य बनाने के लिए नियम बनाने पर विचार कर रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह कदम हाल में मालवीय नगर, विवेक विहार और पालम में हुई आग की घटनाओं के बाद उठाया जा रहा है, जिनमें कई लोगों की जान चली गई थी।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि सरकार विशेष रूप से 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली आवासीय इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों को अनिवार्य बनाने की सिफारिश पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है। मौजूदा उपनियमों के तहत ऐसे भवनों के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र लेना आवश्यक नहीं है।
वर्तमान में ‘हाइड्रेंट’, अग्निशामक यंत्र और स्मोक डिटेक्टर जैसी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं मुख्य रूप से ऊंची इमारतों तथा उन भवनों में अनिवार्य हैं, जिन्हें अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना होता है।
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली अग्निशमन सेवा ने भी सभी घरों में स्मोक डिटेक्टर और अग्निशामक यंत्र अनिवार्य करने की सिफारिश की है। साथ ही, मौजूदा भवनों में बुनियादी अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने के लिए चरणबद्ध योजना का सुझाव भी दिया है।
पालम और विवेक विहार में आवासीय इमारतों में लगी आग की घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक सप्ताह पहले मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण आग में 23 लोगों की जान चली गई थी।
भाषा गोला सुरभि
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