जलापूर्ति बढ़ाने के लिए हरियाणा से बातचीत कर रही है दिल्ली सरकार : प्रवेश साहिब सिंह

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जलापूर्ति बढ़ाने के लिए हरियाणा से बातचीत कर रही है दिल्ली सरकार : प्रवेश साहिब सिंह

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 06:58 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 06:58 PM IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में जलापूर्ति बढ़ाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार जल विनिमय परियोजना के लिए हरियाणा सरकार के साथ बातचीत कर रही है।

वर्तमान में दिल्ली में औसतन 900 से 1,000 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) पानी का उत्पादन होता है, जबकि शहर की औसत आवश्यकता लगभग 1,260 एमजीडी है। गर्मियों के मौसम में पानी की मांग और अधिक बढ़ जाती है।

जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि आपूर्ति लाइनों में मौजूद कमियों को दूर करने और पानी की बर्बादी को कम करने के साथ-साथ दिल्ली सरकार एक ऐसी परियोजना पर काम कर रही है, जिसके तहत हरियाणा से 30 क्यूसेक अनुपचारित पानी प्राप्त किया जाएगा और बदले में उन्हें उपचारित (ट्रीटेड) पानी दिया जाएगा। हरियाणा इस पानी का इस्तेमाल सिंचाई के लिए कर सकेगा।

मंत्री के अनुसार, हरियाणा से जल संचरण में 20 प्रतिशत पानी की बर्बादी एक प्रमुख कारक है, जिससे मांग और उत्पादन के बीच का अंतर बढ़ रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) वर्तमान में नौ जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) संचालित करता है, जिनसे लगभग 864 एमजीडी पानी की आपूर्ति होती है। शेष 126 एमजीडी पानी रैनी कुओं और ट्यूबवेलों की मदद से निकाला जाता है।

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ दिल्ली में अनुपचारित पानी के मुख्य स्रोतों में से एक हरियाणा की मुनक नहर है, जो दिल्ली की कुल जल आपूर्ति का 60 प्रतिशत हिस्सा प्रदान करती है। उत्तर भारतीय राज्यों के बीच जल बंटवारे की व्यवस्था के अनुसार, हरियाणा मुनक नहर और यमुना के माध्यम से दिल्ली को लगभग 1,133 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराता है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘हम हरियाणा की सरकार से उन प्रमुख नहरों की मरम्मत के लिए भी बात कर रहे हैं जिनके माध्यम से दिल्ली में पानी आता है। दिल्ली को उसके हिस्से का कुल आवंटित पानी मिलना चाहिए, जिसमें संचरण हानि शामिल नहीं है।’’

सिंह ने बताया कि जल आपूर्ति के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड राजधानी में पानी के पुराने पाइपों को बदलने का काम भी कर रहा है।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

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