दिल्ली सरकार ने आईआईटी कानपुर के साथ किया समझौता, 72 घंटे पहले मिल जाएगा प्रदूषण का अलर्ट
दिल्ली सरकार ने आईआईटी कानपुर के साथ किया समझौता, 72 घंटे पहले मिल जाएगा प्रदूषण का अलर्ट
नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डेटा विश्लेषण के जरिए दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाएगी।
उन्होंने यह टिप्पणी शुक्रवार को आईआईटी कानपुर के साथ वायु प्रदूषण स्तर की 72 घंटे पहले चेतावनी देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के अवसर पर की।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग और आईआईटी कानपुर के एआईआरएडब्ल्यूएटी रिसर्च फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण की चुनौती से प्रभावी एवं वैज्ञानिक तरीके से निपटना है। यह एमओयू अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा और इसके माध्यम से राजधानी में एआई, उन्नत डेटा विश्लेषण, सूक्ष्म-क्षेत्रीय निगरानी और वैज्ञानिक निर्णय सहायता प्रणालियों के उपयोग से वायु गुणवत्ता प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
बयान के मुताबिक, इस समझौते के तहत दिल्ली में कम लागत वाले सेंसर, मोबाइल मॉनिटरिंग लैब और उपग्रह डेटा पर आधारित एकीकृत वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इससे प्रदूषण की वास्तविक समय में निगरानी और स्थानीय स्रोतों का सटीक विश्लेषण संभव होगा।
इसमें कहा गया है कि परियोजना के अंतर्गत एआई आधारित उन्नत ‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ (डीएसएस) तैयार किया जाएगा, जो प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान, सूक्ष्म क्षेत्रीय विश्लेषण, पूर्वानुमान विशलेषण और 48 से 72 घंटे पहले वायु गुणवत्ता का पूर्वानुमान देने में सक्षम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी वायु प्रदूषण के स्रोतों की अधिक सटीक पहचान, ‘हॉटस्पॉट्स’ की निगरानी, बेहतर पूर्वानुमान प्रणाली और समयबद्ध हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की बेहतर पहचान, वास्तविक समय निगरानी और पूर्वानुमान आधारित रणनीतियों के माध्यम से राजधानी की वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली को वायु प्रदूषण जैसी दीर्घकालिक चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तकनीक-आधारित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख समाधानों की आवश्यकता है और यह एमओयू राजधानी में स्मार्ट, वैज्ञानिक एवं उत्तरदायी पर्यावरणीय शासन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
भाषा नोमान नोमान नरेश
नरेश

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