दिल्ली सरकार राशन कार्ड धारकों के बैंक खातों में ‘डिजिटल मुद्रा’ जमा करेगी; आय सीमा बढ़ाई गई

दिल्ली सरकार राशन कार्ड धारकों के बैंक खातों में 'डिजिटल मुद्रा' जमा करेगी; आय सीमा बढ़ाई गई

दिल्ली सरकार राशन कार्ड धारकों के बैंक खातों में ‘डिजिटल मुद्रा’ जमा करेगी; आय सीमा बढ़ाई गई
Modified Date: May 26, 2026 / 10:16 pm IST
Published Date: May 26, 2026 10:16 pm IST

नयी दिल्ली 26 मई (भाषा) खाद्य आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली सरकार राशन कार्ड धारकों के आधार से जुड़े बैंक खातों में ‘डिजिटल मुद्रा’ जमा करेगी, ताकि वे उचित मूल्य की दुकानों से अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीद सकें।

मंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि दिल्ली मंत्रिमंडल ने राशन कार्ड जारी करने के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को पहले के 1.2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि इस नई आय सीमा से लाखों नए लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दायरे में लाया जा सकेगा।

दिल्ली सरकार ने लगभग दो लाख अमान्य राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। नए राशन कार्ड जारी करने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं।

दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा कि सरकार अधिक पारदर्शिता और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प प्रदान करने के लिए ‘सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी’ (सीबीडीसी) पर आधारित स्मार्ट राशन वितरण प्रणाली शुरू करेगी।

इसमें कहा गया है कि सीबीडीसी आधारित पीडीएस प्रणाली का आशय ऐसी व्यवस्था से है, जिसमें लाभार्थियों को खाद्य सब्सिडी का लाभ डिजिटल मुद्रा के माध्यम से दिया जाता है। इसमें पारंपरिक राशन दुकानों (एफपीएस) के जरिए केवल खाद्यान्न वितरण या सीधे बैंक खातों में नकद हस्तांतरण पर निर्भरता कम की जाती है।

प्रस्तावित सीबीडीसी-आधारित पीडीएस मॉडल के तहत, दिल्ली सरकार पात्र लाभार्थियों के खाद्यान्न पर देय सब्सिडी राशि की गणना कर उसे सीधे उनके सीबीडीसी वॉलेट में स्थानांतरित करेगी।

इसके बाद लाभार्थी आधार/ई-पीओएस सिस्टम के माध्यम से प्रमाणीकरण के बाद अधिकृत उचित मूल्य की दुकान से राशन खरीद सकेंगे, और अधिक जवाबदेही के लिए सभी लेनदेन डिजिटल रूप से रिकॉर्ड और मिलान किए जाएंगे।

सिरसा ने कहा कि सीबीडीसी-सक्षम प्रणाली के तहत, राशन के लिए वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा की जाएगी, जिससे वे राशन की दुकानों पर डिजिटल मुद्रा के माध्यम से आवश्यकतानुसार राशन खरीद सकेंगे।

उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यवस्था में कुप्रबंधन समाप्त होगा।

मंत्री ने कहा कि सीबीडीसी आधारित मॉडल को धीरे-धीरे राशन की दुकानों पर चालू किया जाएगा और भविष्य में इसे निजी बैंकों सहित बैंकिंग प्रणालियों के साथ एकीकृत किया जाएगा।

सीएमओ ने कहा कि सीबीडीसी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली स्वीकृत डिजिटल मुद्रा है, जिसे भारतीय मुद्रा के समान कानूनी मान्यता प्राप्त है।

सिरसा ने बताया कि पहले राशन कार्ड के लिए आवेदन करने की आय की पात्रता सीमा एक लाख रुपये प्रति वर्ष थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दिया गया था।

दिल्ली सरकार ने अब आय सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार जनहितकारी वितरण प्रणाली के तहत रियायती राशन का लाभ उठा सकें।

कैबिनेट का यह निर्णय दिल्ली में राशन कार्ड पात्रता के लिए आय सीमा बढ़ाने के संबंध में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा हाल में की गई घोषणा के बाद आया है।

भाषा नोमान

नोमान दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में