नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) दिल्ली सरकार एकल खिड़की प्रणाली के जरिए अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और उनके नवीनीकरण को 30 दिन के भीतर पूरा करने की योजना बना रही है। आवेदनों की जांच और परिसरों का भौतिक निरीक्षण तय समयसीमा के भीतर किया जाएगा। एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
यह कदम कारोबार को आसान बनाने की पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अग्नि संबंधी मंजूरियों में लगने वाले कुल समय को कम करना है।
दिल्ली एकल खिड़की प्रणाली (डीएसडब्ल्यूएस) पोर्टल पर फिलहाल विभिन्न विभागों की 95 सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें सभी प्रकार के भवनों के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और उनके नवीनीकरण की सुविधा भी शामिल है।
विस्फोटक विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने तथा विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण की अनुमति से संबंधित एनओसी भी पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रस्तावित सेवा स्तर समझौते (एसएलए) के अनुसार, दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) नियम, 2010 के नियम 27 के तहत आने वाले सभी प्रकार के भवनों के अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और उनके नवीनीकरण के लिए 30 दिन की समयसीमा तय की गई है।
प्रस्तावित समयसीमा के तहत अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र के आवेदनों की जांच तीन दिन में पूरी होगी। इसके बाद सहायक मंडलीय अधिकारी द्वारा 10 दिन, मंडलीय अधिकारी द्वारा पांच दिन, उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा चार दिन और मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा चार दिन में परिसर का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद प्रधान निदेशक चार दिन में अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करेंगे।
दस्तावेज के अनुसार, डीएफएस की एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली शुरू होने के बाद अग्नि सुरक्षा एनओसी का ऑनलाइन नवीनीकरण भी 30 दिन में पूरा किया जाएगा। यह प्रणाली इस साल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, विस्फोटक विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए जरूरी एनओसी 15 दिन में जारी किया जाएगा। विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण की अनुमति के लिए भी 15 दिन की समयसीमा होगी, जबकि परिसर के भौतिक निरीक्षण की जरूरत होने पर यह अवधि 30 दिन होगी।
भाषा
राखी माधव
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