नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा केंद्र सरकार, उपराज्यपाल और कई वरिष्ठ नौकरशाहों के खिलाफ दायर किए गए सभी मामलों को वापस ले लिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कार्यभार संभालने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने कई मामलों को वापस लेने के लिए जल्दी सुनवाई की मांग करते हुए अदालतों का रुख किया। ये मामले महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत मुद्दों से जुड़े थे, जो पूर्ववर्ती आप सरकार और केंद्र, उपराज्यपाल कार्यालय तथा दिल्ली सरकार के नौकरशाहों के बीच विवाद का कारण बने थे।
पूर्व आप सरकार द्वारा समय-समय पर दर्ज किए गए इन मामलों में दिल्ली विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति, सेवा-संबंधी मामलों पर नियंत्रण, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का क्रियान्वयन, दिल्ली जल बोर्ड के लिए वित्तपोषण, दिल्ली दंगों के मामलों में वकीलों की नियुक्ति और यमुना नदी प्रदूषण पर उच्च स्तरीय समिति का गठन शामिल था।
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली सरकार के विधि विभाग ने फरवरी 2025 में विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा के सत्ता में आने के तुरंत बाद इन मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
भाषा तान्या प्रशांत
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