कंपाला (युगांडा), 10 फरवरी (एपी) केन्या के कुछ इलाकों में सूखे की वजह से 20 लाख से अधिक लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं और सबसे ज्यादा असर उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के पशुपालक समुदायों पर पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों ने यह जानकारी दी।
केन्या के राष्ट्रीय सूखा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, देश के करीब 10 जिले इस समय सूखे से जूझ रहे हैं।
सोमालिया से सटे केन्या के उत्तर-पूर्वी मंडेरा जिले में स्थिति “चेतावनी” स्तर पर पहुंच गई है। इसका मतलब है कि पानी की गंभीर कमी के कारण पशुओं की मौत हो रही है और बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं।
जनवरी के अंत में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि यही परेशानी सोमालिया, तंजानिया और यहां तक कि युगांडा तक फैल रही है, जहां लोग इसी तरह के मौसम और पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं।
हाल के हफ्तों में सोमाली सीमा के पास सूखाग्रस्त इलाकों से झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें मवेशियों को बेहद कमजोर और कुपोषित हालत में देखा जा सकता है। यह इलाका जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रहा है।
हाल के वर्षों में कुछ क्षेत्रों में बारिश के मौसम की अवधि छोटी हो गई है, जिससे सूखे की स्थिति पैदा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर के बीच का बारिश का मौसम अब तक के सबसे सूखे मौसमों में से एक रहा।
एपी
खारी सिम्मी
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