दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन पर पांच जून को जबरन कब्जा नहीं लिया जाएगा: तुषार मेहता

दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन पर पांच जून को जबरन कब्जा नहीं लिया जाएगा: तुषार मेहता

दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन पर पांच जून को जबरन कब्जा नहीं लिया जाएगा:  तुषार मेहता
Modified Date: May 26, 2026 / 12:55 pm IST
Published Date: May 26, 2026 12:55 pm IST

नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को अवगत कराया कि केंद्र सरकार की ओर से पांच जून को दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन पर जबरन कब्जा नहीं लिया जाएगा।

इस हलफनामे के बाद न्यायमूर्ति अवनीश झिंगन ने कहा कि केंद्र के 22 मई के आदेश के खिलाफ क्लब के सदस्यों और कर्मचारियों द्वारा दायर मुकदमों में किसी अंतरिम आदेश की जरूरत नहीं है। केंद्र के आदेश में क्लब को परिसर सौंपने को कहा गया था।

मेहता ने न्यायमूर्ति झिंगन के समक्ष कहा कि केंद्र का नोटिस क्लब के पक्ष में दिए गए स्थायी पट्टे को समाप्त करने और उसका कब्जा वापस लेने के लिए था।

हालांकि, मेहता ने आश्वासन दिया कि परिसर से बेदखली की कोई भी कार्रवाई उचित नोटिस देने के बाद कानून के अनुसार शुरू की जाएगी।

न्यायामूर्ति झिंगन ने मुकदमों पर केंद्र और क्लब के प्रबंधन को समन जारी किया और उनके लिखित बयान मांगे।

तुषार मेहता ने यह भी बताया कि क्लब का मौजूदा संचालक मंडल अपनी शिकायतों के संबंध में पहले ही संबंधित अधिकारियों को पत्र लिख चुका है। इस निकाय में केंद्र सरकार के नामित सदस्य शामिल हैं।

केंद्र ने लुटियंस दिल्ली स्थित जिमखाना क्लब से परिसर सौंपने को कहा था। इसके लिए तर्क दिया गया था कि ‘‘रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत और सुरक्षित करने’’ के लिए 27.3 एकड़ के इस भूखंड की जरूरत है।

केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन भूमि और विकास कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दिल्ली के अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में स्थित यह परिसर रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत और सुरक्षित करने तथा अन्य महत्वपूर्ण जन सुरक्षा उद्देश्यों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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