दिल्ली जिमखाना क्लब बेदखली के खिलाफ याचिकाओं पर उच्च न्यायालय 29 सितंबर को करेगा सुनवाई

दिल्ली जिमखाना क्लब बेदखली के खिलाफ याचिकाओं पर उच्च न्यायालय 29 सितंबर को करेगा सुनवाई

दिल्ली जिमखाना क्लब बेदखली के खिलाफ याचिकाओं पर उच्च न्यायालय 29 सितंबर को करेगा सुनवाई
Modified Date: September 16, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: September 16, 2026 8:31 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह सफदरजंग रोड पर 27.3 एकड़ के परिसर से दिल्ली जिमखाना क्लब को हटाने से जुड़ी केंद्र सरकार की कार्यवाही को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 29 सितंबर को सुनवाई करेगा।

जिमखाना के सदस्य विजय खुराना और ‘दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन’ ने भूमि एवं विकास कार्यालय के 22 मई के आदेश के खिलाफ वाद दायर किया है।

आदेश में ‘‘रक्षा अवसंरचना को मजबूत और सुरक्षित करने’’ के आधार पर औपनिवेशिक दौर के इस क्लब के पट्टा विलेख को हमेशा के लिए खत्म करने और पांच जून तक जमीन वापस करने को कहा गया था।

उन्होंने भूमि एवं विकास कार्यालय के संपदा अधिकारी की ओर से क्लब के प्रबंधन को बेदखली के लिए जारी 29 जून के कारण बताओ नोटिस पर रोक लगाने की मांग करते हुए भी अर्जियां दायर की हैं।

केंद्र सरकार ने पूर्व में कहा था कि वह फिलहाल बेदखली के मामले में कोई कड़ी कार्रवाई नहीं करेगी।

बुधवार को न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद को वादी पक्ष के वरिष्ठ वकील ने बताया कि रोक लगाने के मुद्दे पर बहस के लिए मामला तैयार है।

केंद्र सरकार ने भी मुख्य मामले पर अपना जवाब दाखिल किया और कहा कि इन मुकदमों को खारिज कर दिया जाना चाहिए।

सरकार ने कहा कि सदस्य, जमीन के उस हिस्से के लिए अधिकारियों और क्लब के बीच तय हो चुके पट्टा विलेख से मिलने वाले अधिकारों को लागू करने से नहीं रोक सकते।

लिखित दलील में कहा गया है, ‘‘प्रतिवादी संख्या 1 (केंद्र) कानून द्वारा आवश्यक प्रक्रिया और अदालती निर्देशों का पालन करते हुए कब्जा हासिल करके, (विलेख की) धारा 4 के तहत विवादित संपत्ति को वापस लेने का अपना अधिकार रखता है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘वादी केवल क्लब परिसर का इस्तेमाल करने के अपने अधिकारों का हवाला देते हुए जमीन के निजी संपदा होने का दावा नहीं कर सकता, और न ही वह किसी ऐसे दस्तावेज की शर्तों को लागू करने का अधिकार जता सकता है जिसमें वह पक्षकार नहीं है।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव


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