दिल्ली उच्च न्यायालय का कब्रिस्तान की जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों की जांच का निर्देश

दिल्ली उच्च न्यायालय का कब्रिस्तान की जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों की जांच का निर्देश

दिल्ली उच्च न्यायालय का कब्रिस्तान की जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों की जांच का निर्देश
Modified Date: November 29, 2022 / 08:31 pm IST
Published Date: January 3, 2022 6:24 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को राजधानी के जामिया नगर इलाके में कब्रिस्तान की जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों की जांच करने तथा अवैध पाये जाने वाले निर्माण गिराने का निर्देश दिया ।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने एक गैर सरकारी संगठन की याचिका का निपटारा करते हुये दक्षिण दिल्ली नगर निगम और पुलिस अधिकारियों को आरोपों की जांच करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

अदालत ने गैर सरकारी संगठन जनहित विकास संस्था की याचिका पर यह निर्देश दिये। इस याचिका में अधिकारियों को उन कथित अनधिकृत और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था जो यहां जामिया नगर में कब्रिस्तान की जमीन पर अतिक्रमण करके बनाए गए हैं।

अधिवक्ता आलमगीर के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि कुछ निजी बिल्डरों ने मूल रूप से अपनी शक्तियों, संपर्कों और भू-माफिया के साथ जुड़ाव का उपयोग करके कब्रिस्तान की भूमि पर कब्जा कर, इसे बेचने के लिए इस पर अवैध रूप से भवन का निर्माण कर रहे हैं।

इसने दावा किया था कि बिल्डर्स अब भी बिना किसी मंजूर योजना के अथवा अधिकारियों की सांठगांठ से नियमों का पालन किए बिना अनधिकृत निर्माण कर रहे हैं।

भाषा रंजन अनूप

अनूप


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