दिल्ली उच्च न्यायालय ने रैन-बसेरों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने रैन-बसेरों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने रैन-बसेरों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
Modified Date: January 12, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: January 12, 2026 7:15 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को शहर के अधिकारियों को “संवेदनशीलता” दिखाते हुए रैन-बसेरों में उचित एवं पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि निवासियों को “कड़ाके की ठंड” से बचाया जा सके।

मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा, “हम अधिकारियों से उम्मीद करते हैं कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए उचित और पर्याप्त कदम उठाएंगे कि रैन-बसेरों में रहने वाले लोग खुद को कड़ाके की ठंड से बचा सकें।”

पीठ ने केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) को नोटिस जारी किया।

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इससे पहले, उच्च न्यायालय की एक अन्य पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति सी हरि शंकर और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला शामिल थे, ने इस मुद्दे को न्यायमूर्ति उपाध्याय और न्यायमूर्ति कारिया की पीठ के पास भेजा था।

न्यायमूर्ति शंकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने इलाज के इंतजार में अस्पतालों के बाहर सड़कों पर रात काटने को मजबूर मरीजों और उनके तीमारदारों की “दयनीय स्थिति” पर आधारित एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए सोमवार को कहा था कि इस मुद्दे पर “तत्काल कार्यकारी और न्यायिक हस्तक्षेप” की आवश्यकता है।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय की।

पीठ ने अधिकारियों की तरफ से पेश वकील को निर्देश दिया कि वह रैन-बसेरों में निवासियों को भीषण ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के वास्ते उठाए गए कदमों के बारे में निर्देश लें।

पीठ ने कहा, “आपने क्या किया है? अगर हममें से किसी को भी वहां एक रात बितानी पड़े, तो हमें नहीं पता कि क्या होगा। थोड़ी संवेदनशीलता दिखाएं।”

इस मुद्दे पर “कुछ करने” के पीठ के निर्देश पर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि यह “एक मानवीय समस्या है, जिसका समाधान किया जाना चाहिए।”

भाषा पारुल नरेश

नरेश


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