नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मादक पदार्थों की तस्करी और 40 किलोग्राम से अधिक गांजा रखने के आरोपी एक व्यक्ति को उसकी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है।
आरोपी ने इस महीने बिहार में अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए मानवीय आधार पर 20 दिनों की अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था।
न्यायमूर्ति तेजस कारिया की अवकाशकालीन पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी पर लगे आरोपों की गंभीरता, बरामद मादक पदार्थ की भारी मात्रा और उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए अंतरिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।
दिल्ली पुलिस ने भी अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि वर्ष 2024 में मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार आरोपी आदतन अपराधी है।
पुलिस की ओर से कहा गया कि आरोपी के पास से 40 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद हुआ था, जो कानून के तहत ‘व्यावसायिक मात्रा’ की श्रेणी में आता है। साथ ही, उसकी बहन की शादी में धार्मिक रस्में निभाने के लिए परिवार में अन्य भाई भी मौजूद हैं।
अदालत ने 17 जून को पारित अपने आदेश में कहा कि आरोपी को व्यावसायिक मात्रा में गांजा बरामद होने पर गिरफ्तार किया गया था और रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि शादी की रस्में निभाने के लिए उसके अन्य भाई हैं।
अदालत ने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत जमानत के लिए कड़े कानूनी प्रावधान हैं, इसलिए अंतरिम जमानत केवल ‘दुर्लभ और असाधारण परिस्थितियों’ में ही दी जा सकती है।
अदालत ने कहा, ‘‘आरोपी पर लगे आरोपों की गंभीरता, बरामद मादक पदार्थ की मात्रा और उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए अंतरिम जमानत से इनकार करने का पर्याप्त आधार मौजूद है।’’
भाषा शोभना रंजन
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