नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल की पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग से जान बचाने के लिए अलग-अलग मंजिल से कई लोगों ने सड़क पर स्थानीय लोगों द्वारा बिछाये गये गद्दे पर छलांग लगा दी, जिनमें वह महिला भी शामिल थी, जिसकी गोद में एक बच्चा था।
मालवीय नगर के भीड़भाड़ वाले हौज रानी इलाके में स्थित होटल‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ में बुधवार सुबह आग लग गई, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
दिल्ली अग्निशमन सेवा, पुलिस और आपदा राहत इकाइयों की टीमें बचाव अभियान में लगी हुई थीं। इस दौरान कम से कम 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए दिल्ली के एम्स अस्पताल ले जाया गया।
घना काला धुआं निकलने और आग के तेजी से इमारत में फैलने के बीच घबराए हुए लोग खिड़कियों के शीशे तोड़ते, खुले स्थानों से बाहर झांकते और मदद के लिए गुहार लगाते नजर आए। सीढ़ियां और आंतरिक गलियारे धुएं से भर जाने के कारण, कई मेहमानों के पास इमारत से नीचे कूदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग से बचने के प्रयास में कम से कम छह लोगों ने इमारत की विभिन्न मंजिलों से छलांग लगा दी। इनमें एक महिला भी शामिल थी, जिसने अपनी गोद में एक छोटे बच्चे को ले रखा था।
उनके मुताबिक, चौथी मंजिल पर फंसे एक विदेशी दंपति ने खिड़की का शीशा और एल्युमिनियम की ग्रिल तोड़ दी तथा पाइप के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की, लेकिन दोनों गिर गए। ऊपर से गुजर रहे तारों में फंसते हुए महिला सिर के बल जमीन पर गिरी। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वे बच पाए या नहीं।
बचाव कार्य में शामिल एक स्थानीय निवासी ने बताया, ‘हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी। लोग खिड़कियों में फंसे हुए थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे। कुछ लोगों ने शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। हमने कई लोगों को अलग-अलग मंजिलों से कूदते देखा।’’
भयावह दृश्य देखकर इलाके के निवासियों और दुकानदारों ने आपातकालीन सेवाओं के मौके पर पहुंचने से पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी। गद्दे की दुकानों के मालिकों और अन्य स्थानीय लोगों ने तुरंत गद्दे और कंबल इमारत के नीचे संकरी सड़क पर लाकर बिछा दिए, ताकि बचने की कोशिश कर रहे लोगों को नीचे गिरने पर कोई चोट न आए।
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ‘‘जिस वक्त महिला ने छलांग लगाई, उस वक्त उसने बच्चे को कसकर पकड़ रखा था। उससे कुछ देर पहले और बाद में भी कुछ लोग कूदे। जब भी कोई नीचे कूदने की कोशिश करता दिखता तो लोग गद्दों को इधर-उधर कर देते, ताकि उसे चोट न आए।”
कई स्थानीय निवासियों ने मानव शृंखला बनाई, अंदर फंसे लोगों को उन्हें खिड़कियों की ओर जाने को कहा, जहां से उन्हें बचाया जा सके या वे सुरक्षित रूप से बाहर कूद सकें। कई लोग वीडियो बना रहे लोगों से रिकॉर्डिंग नहीं करने और बचाव कार्य में मदद करने के लिए कहते हुए भी सुने गए।
स्थानीय लोग पीड़ितों को उठाकर पास के अस्पतालों में ले जाते देखे गये।
आग से बचने के लिए इमारत से छलांग लगाने वालों में मोहम्मद साहिदुल इस्लाम, आरमिन जमन और रियाना शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया कि इमारत से 40 से अधिक लोगों को निकाला गया। मृतकों में कई विदेशी नागरिक शामिल हैं, और अधिकारियों को आशंका है कि घायल लोगों की हालत गंभीर होने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
भाषा नोमान नोमान सुरेश
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