अदालत ने दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में सत्येंद्र जैन को जमानत दी
अदालत ने दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में सत्येंद्र जैन को जमानत दी
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता एवं पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने एक संक्षिप्त मौखिक आदेश में कहा, ‘‘जमानत की अर्जी मंज़ूर की जाती है।’’
अदालत ने जैन को दो लाख रुपये के जमानती बॉण्ड और इतनी ही राशि के दो मुचलकों की शर्त पर जमानत दी।
विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है।
जैन को 19 अगस्त को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
यह मामला ‘यूरोटेक एनवायर्नमेंटल प्राइवेट लिमिटेड’ को दिए गए एक ठेके से जुड़ा है। यह ठेका उस वक्त दिया गया था जब जैन दिल्ली के जल मंत्री थे।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आरोप लगाया था कि निविदा की शर्तों में फेरबदल की गई थी तथा निविदा प्रक्रिया को जानबूझकर प्रोद्योगिकी केंद्रित किया गया था, ताकि ‘यूरोटेक एनवायर्नमेंटल’ को फायदा पहुंचाया जा सके।
एसीबी ने यह भी आरोप लगाया कि जैन ने बिना किसी तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन के रोहिणी मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) की क्षमता को मनमाने ढंग से 150 लाख गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) से बढ़ाकर 30 एमजीडी कर दिया, जिससे लागत में लगभग 123 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।
एसीबी ने पैसों के लेन-देन का पता चलने का दावा किया था। उसके मुताबिक, कमीशन की रकम बिचौलियों के जरिये विभिन्न आरोपियों के बैंक खातों में पहुंचाई गई।
डीजेबी द्वारा एसटीपी की क्षमता बढ़ाने और उन्हें उन्नत करने की प्रक्रिया में कथित रूप से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने, निविदा की शर्तों में हेरफेर करने और आपराधिक साजिश रचने संबंधी सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर मई 2024 में मामला दर्ज किया गया था।
भाषा
राजकुमार सुरेश
सुरेश

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