असम में मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ का गठन होगा: हिमंत

असम में मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ का गठन होगा: हिमंत

असम में मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ का गठन होगा: हिमंत
Modified Date: September 3, 2026 / 08:53 pm IST
Published Date: September 3, 2026 8:53 pm IST

डेरगांव (असम), तीन सितंबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए राज्य पुलिस के भीतर एक नयी इकाई ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ का गठन किया जाएगा।

एसएसपी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) सम्मेलन के समापन के बाद संवाददाता सम्मेलन में शर्मा ने कहा कि असम का लक्ष्य इस साल आरोपपत्र दाखिल होने वाले मामलों में दोषसिद्धि दर को मौजूदा 29.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए हम ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ नाम से एक नयी इकाई बनाएंगे। केंद्र सरकार ने भी इसका सुझाव दिया था।’’

उन्होंने कहा कि इसमें कानूनी, वित्तीय जैसी कई शाखाएं होंगी। यह सुनिश्चित करेगा कि आरोपियों को आसानी से जमानत न मिले और मादक पदार्थों के गिरोहों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।

शर्मा ने कहा, ‘‘यह बल मादक पदार्थ पर रोकथाम संबंधी ‘एनडीपीएस’ अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में काम करेगा। हमें उम्मीद है कि अगले एक महीने में असम पुलिस के भीतर इस इकाई का गठन कर लिया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन प्राथमिकी में आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं, उनमें दोषसिद्धि दर वर्तमान में बढ़कर 29.3 प्रतिशत हो गई है, जो 2020 में करीब सात प्रतिशत थी।

भाषा आशीष रंजन

रंजन


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