महंगाई बढ़ रही, अर्थव्यवस्था की ‘बहुत खूबसूरत तस्वीर’ पेश कर रही है सरकार : शरद पवार

महंगाई बढ़ रही, अर्थव्यवस्था की ‘बहुत खूबसूरत तस्वीर’ पेश कर रही है सरकार : शरद पवार

महंगाई बढ़ रही, अर्थव्यवस्था की ‘बहुत खूबसूरत तस्वीर’ पेश कर रही है सरकार : शरद पवार
Modified Date: September 3, 2026 / 08:51 pm IST
Published Date: September 3, 2026 8:51 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

बारामती, तीन सितंबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के प्रमुख शरद पवार ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि महंगाई बढ़ रही है और देश के आर्थिक हालात कठिन नजर आ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार वास्तविक समस्याओं की अनदेखी कर अर्थव्यवस्था की ‘‘बहुत खूबसूरत तस्वीर’’ पेश कर रही है।

अपने गृह नगर बारामती में पवार ने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी दावा किया कि लोगों का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने के लिए सरकार की सहमति से कुछ मुद्दों को उठाया जा रहा है।

पवार ने कहा, ‘‘आज महाराष्ट्र और देश की अर्थव्यवस्था के हालात कठिन हैं। महंगाई बढ़ रही है और परिवार के मुखिया के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल होता जा रहा है। इन सभी चीजों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार की सहमति से शिक्षा समेत कुछ मुद्दे उठाए जा रहे हैं, ताकि मूल मुद्दों को आसानी से नजरअंदाज किया जा सके। हमें लगता है कि यह जानबूझकर किया जा रहा है।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को देश की 7.8 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर की सराहना करते हुए कहा था कि वैश्विक उथल-पुथल, भू-राजनीतिक संघर्षों और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों की पृष्ठभूमि में यह उपलब्धि विशेष रूप से प्रभावशाली है।

इसका जिक्र करते हुए पवार ने कहा, ‘‘देश की वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि देश की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बहुत खूबसूरत है। वे वास्तविक समस्या पर गौर नहीं कर रहे हैं… ऐसा लगता है कि उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया है।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मौजूदा स्थिति से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर कुछ बातें कहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि लोग महंगाई की मार झेलेंगे और जेब पर इसका असर महसूस करेंगे।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने 20 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को मंगलवार को रद्द कर दिया था और केंद्र को निर्देश दिया था कि तीन महीने के भीतर आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को वित्तीय मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

इस संबंध में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘यह छात्रों का प्रदर्शन है और उनकी कुछ मांगें हैं। न्यायपालिका ने स्पष्ट रूप से बताया है कि सरकार द्वारा अपनाई गई नीति किस तरह गलत है। न्यायपालिका ने एक तरह से सरकार को कड़ी सलाह दी है कि यदि आप इस तरह फैसला नहीं लेते हैं तो हमें कुछ फैसले लेने पड़ेंगे।’’

पवार ने कहा, ‘‘इस सरकार ने हालात ऐसे कर दिए हैं कि हमें चिंता होनी चाहिए कि कहीं न्यायिक व्यवस्था से जुड़े अधिकार अंततः प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ में न चले जाएं।’’

शिवसेना के चुनाव चिह्न के आवंटन को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई पर सुनवाई के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, ‘‘मैं नहीं कह सकता कि क्या होगा। अदालत का फैसला अंतिम होता है। सुनवाई अभी जारी है, उससे पहले हमें टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। दोनों मामलों में आठ से 10 दिन इंतजार करते हैं और फिर चर्चा करेंगे।’’

प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित बारामती दौरे के बारे में पवार ने कहा, ‘‘उन्होंने कहा है कि वह आ रहे हैं। हमने उन्हें 16 अक्टूबर की तारीख दी है, लेकिन यह बाद की तारीख भी हो सकती है। यहां एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संस्थान बनाया गया है, जो देश में पहला है। वह इसका निरीक्षण करेंगे और उन्हें एक प्रस्तुति दी जाएगी।’’

देश में चीनी की कीमतों और इसके आयात के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि गन्ना किसानों को इसका लाभ नहीं मिला है।

उन्होंने कहा, ‘‘कीमतें बढ़ रही हैं और उत्पादन लागत भी बढ़ रही है, लेकिन किसानों को बढ़ी हुई आय में कुछ हिस्सा मिलना चाहिए। मौजूदा स्थिति ऐसी नहीं दिखती। मेरे विचार से चीनी का आयात उचित नहीं है। आज यह कहना संभव नहीं है कि आयातित चीनी कब आएगी और इससे क्या लाभ होगा।’’

राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की कमी के बारे में पवार ने कहा कि वह हर जगह जा रहे हैं और स्थिति अच्छी नहीं है।

भाषा रवि कांत रवि कांत पवनेश

पवनेश


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