दिल्ली: लापता किशोर का तीन दिन बाद जसोला नाले से शव बरामद

दिल्ली: लापता किशोर का तीन दिन बाद जसोला नाले से शव बरामद

दिल्ली: लापता किशोर का तीन दिन बाद जसोला नाले से शव बरामद
Modified Date: August 25, 2026 / 10:14 pm IST
Published Date: August 25, 2026 10:14 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जसोला गांव में पतंग पकड़ने की कोशिश के दौरान खुले नाले में गिरे 15 वर्षीय लड़के का शव घटना के तीन दिन बाद मंगलवार को बरामद कर लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

आठवीं कक्षा का छात्र मिथुन शनिवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे लापता हो गया था। उसके परिवार को संदेह था कि वह अपने घर के पास नाले में गिर गया है।

दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), बचाव दल और गोताखोरों ने लड़के की तलाश के लिए अभियान शुरू किया।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि मंगलवार दोपहर करीब 1.15 बजे उसका शव नाले से बाहर निकाला गया।

इससे पहले मिथुन के पिता का हाथ में छड़ी लेकर नाले में अपने बेटे को तलाशते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रहा था कि परेशान पिता खुद ही नाले में घुस रहे हैं।

मिथुन का शव बरामद होने के बाद, उनके परिवार के सदस्यों ने दिल्ली सरकार से नाले के चारों ओर दीवार बनाने की अपील की ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह की घटना का सामना न करना पड़े।

परिवार ने कहा कि घटना के तुरंत बाद अधिक प्रभावी कदम उठाए गए होते तो मिथुन को बचाया जा सकता था।

पिता ने कहा, “अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती तो शायद बच्चे को बचाया जा सकता था। वह एक मेधावी छात्र था। पढ़ाई में बहुत अच्छा था।’

मिथुन की मां सुनीता ने कहा कि परिवार को अब सरकार से सहायता की उम्मीद है।

उन्होंने कहा,’हम मुआवजे की मांग करते हैं। अब हम इसे सरकार पर छोड़ते हैं।’

परिवार ने खुले नाले के स्थायी समाधान की भी मांग की और कहा कि यदि अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो अन्य बच्चों और निवासियों को भी इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

एक पड़ोसी ने आरोप लगाया कि लड़के के लापता होने के तुरंत बाद स्थानीय लोग उसकी तलाश शुरू करना चाहते थे लेकिन अधिकारियों ने उन्हें नाले में जाने से रोक दिया।

उन्होंने कहा, “पुलिस कर्मियों ने हमें डंडे दिखाए और नाले में न जाने की चेतावनी दी। न तो पुलिस ने कुछ किया, न ही हमें लड़के की तलाश करने दी।’

यह परिवार करीब 15 साल पहले उत्तर प्रदेश के बदायूं से दिल्ली आया था और तब से इसी इलाके में रह रहा था। परिवार आजीविका के लिए दैनिक मजदूरी पर निर्भर है।

घटना के बाद, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने कर्तव्य में कथित लापरवाही के लिए दक्षिण पूर्व (मध्य) क्षेत्र के एक कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की।

भाषा नोमान नोमान पवनेश

पवनेश


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