रायचूर में लापता महिला की शिकायत पर कार्रवाई में देरी को लेकर चार पुलिसकर्मी निलंबित

रायचूर में लापता महिला की शिकायत पर कार्रवाई में देरी को लेकर चार पुलिसकर्मी निलंबित

रायचूर में लापता महिला की शिकायत पर कार्रवाई में देरी को लेकर चार पुलिसकर्मी निलंबित
Modified Date: August 25, 2026 / 10:21 pm IST
Published Date: August 25, 2026 10:21 pm IST

रायचूर (कर्नाटक), 25 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के रायचूर जिले में 21 वर्षीय एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार निलंबित किए गए कर्मियों में रायचूर जिले के सिरवार थाने में तैनात दो हेड कांस्टेबल और दो सिपाही शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि महिला के पिता ने 19 अगस्त की शाम सिरवार थाने पहुंचकर उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि काफी तलाश के बावजूद महिला का कोई पता नहीं चल पाया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि इन कर्मियों ने शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद महिला बाद में मृत मिली और उसकी हत्या कर दी गई थी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘घटना के संबंध में शिकायत पर प्रतिक्रिया देने और तत्काल कार्रवाई करने में कथित देरी के कारण हमने 22 अगस्त को चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।’’

पुलिस ने बताया कि मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों ने 19 अगस्त को शाम करीब सात बजे महिला का कथित तौर पर उस समय अपहरण कर लिया, जब वह गांव में एक मंदिर की ओर गई थी।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उन्हें डर था कि उसे छोड़ने पर वह अपने परिवार और ग्रामीणों को घटना के बारे में बता देगी। प्राथमिकी के अनुसार इसके बाद उन्होंने उसकी हत्या करने का फैसला किया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने महिला की कथित तौर पर हत्या कर दी और उसका शव डोडियाल गांव में एक कुएं में फेंक दिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 137(2) (अपहरण), 103(1) (हत्या), 70 (सामूहिक दुष्कर्म), 238 (अपराध के साक्ष्य मिटाना या अपराधी को बचाने के लिए झूठी सूचना देना) और 3(5) (साझा मंशा) के अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2015 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भाषा अमित माधव

माधव


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