संसदीय समिति ने एनटीए सुधारों पर रिपोर्ट सर्वसम्मति से स्वीकार की

संसदीय समिति ने एनटीए सुधारों पर रिपोर्ट सर्वसम्मति से स्वीकार की

संसदीय समिति ने एनटीए सुधारों पर रिपोर्ट सर्वसम्मति से स्वीकार की
Modified Date: August 25, 2026 / 10:17 pm IST
Published Date: August 25, 2026 10:17 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) एक संसदीय समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को वैधानिक दर्जा देने के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ताधारी गठबंधन के सदस्यों के बीच खींचतान के बाद एजेंसी में सुधारों के सिलसिले में एक मसौदा रिपोर्ट को मंगलवार को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।

सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की विभाग-संबंधित संसदीय स्थायी समिति की बैठक में विपक्षी सदस्यों ने एनटीए को वैधानिक दर्जा देने की मांग की, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सदस्यों ने इसका विरोध किया।

सूत्रों ने बगैर ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि समिति ने एनटीए में सुधार और उसे मजबूत करने से जुड़ी मसौदा रिपोर्ट की भाषा पर आम सहमति बनने के बाद उसे मंजूरी दे दी।

कांग्रेस सदस्य मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी 382वीं मसौदा रिपोर्ट (हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में) पर चर्चा करने और उसे मंजूरी देने के लिए छठी बार बैठक की। यह रिपोर्ट पहले 19 अगस्त 2026 को ईमेल के जरिये भेजी गई थी। सदस्यों के बीच आम सहमति बनाने के लिए इसे दोबारा भेजा गया था।

पहले समिति की कमान कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह संभाल रहे थे, जिनकी अध्यक्षता में एनटीए में सुधारों से जुड़ी रिपोर्ट पर चर्चा करने के लिए दो बैठकें हुई थीं।

समिति ने एनटीए में सुधारों पर बनी उच्च-स्तरीय समिति की रिपोर्ट को लागू करने और नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच करने पर भी चर्चा की थी।

नीट विवाद के बाद प्रश्नपत्र लीक को रोकने के लिए एजेंसी की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी लेने के लिए समिति ने उच्च शिक्षा मंत्रालय, एनटीए और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के कई वरिष्ठ अधिकारियों को तलब कर उनसे पूछताछ की थी।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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