Home » Country » Transport Strike Hits Delhi-NCR as 16 Lakh Trucks Stay Off Roads Over Green Tax Hike
Delhi NCR Transport Strike : राजधानी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हड़ताल! ट्रक मालिकों ने भी खड़ी कर दी गाड़ियां, पेट्रोल-डीजल संकट की अफवाह के बीच, जानिए कितने दिनों तक थमी रहेगी चक्कों की रफ्तार
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All India Motor Transport Congress के नेतृत्व में दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। ग्रीन टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में 16 लाख ट्रक सड़कों से गायब हैं, जिससे दूध, फल और सब्जियों जैसी जरूरी चीजों की किल्लत की आशंका बढ़ गई है।
नई दिल्ली : Delhi NCR Transport Strike ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के नेतृत्व में दिल्ली-NCR की 68 से ज्यादा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है, जिसने दिल्ली आ रहे यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। दिल्ली के कई रेलवे स्टेशनों के बाहर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है जो बसों और मेट्रो स्टेशनों की ओर रुख कर रही है। दिल्ली सरकार द्वारा ग्रीन टैक्स में की गई भारी बढ़ोतरी के विरोध में इस चक्का जाम में हल्के कमर्शियल वाहनों, ट्रकों और टैक्सियों के ऑपरेटर शामिल हुए हैं।
ट्रांसपोर्टर्स की मुख्य नाराजगी अप्रैल से लागू हुई नई ग्रीन टैक्स दरों को लेकर है। इसके तहत दिल्ली में एंट्री करने वाले हल्के कमर्शियल वाहनों और दो-एक्सल वाले ट्रकों पर टैक्स 1,400 से बढ़ाकर 2,000 प्रति ट्रिप कर दिया गया है, जबकि तीन और चार-एक्सल वाले बड़े ट्रकों के लिए इसे 2,600 से सीधे बढ़ाकर 4,000 प्रति ट्रिप कर दिया गया है।
इन दरों में हर साल 5 फीसदी की बढ़ोतरी और एमसीडी द्वारा वसूला जाने वाला 1200 प्रति ट्रिप का टैक्स मध्यम वर्गीय ऑपरेटरों की कमर तोड़ रहा है, जिसे वापस लेने की मांग की जा रही है। इस हड़ताल में ओला-उबर और ऑटो सीधे शामिल नहीं हैं, लेकिन उन्होंने मांगों का पूरा समर्थन किया है। टैक्सी ड्राइवर दिनेश कुमार और नरेंद्र तिवारी ने किराए में कमी और बढ़ते टैक्स को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।
#WATCH | Delhi | Visuals from New Delhi railway station as Taxi and Auto Unions have announced a three-day strike from 21-23 May in Delhi, demanding an immediate hike in their fares amid the rising fuel prices. pic.twitter.com/o9XRuBkrba
इस तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल को आवश्यक सेवाओं के ट्रांसपोर्टरों ने भी अपना समर्थन दिया है, जिसके चलते दिल्ली और एनसीआर में दूध, फल और सब्जियों जैसी रोजमर्रा की जरूरतों की किल्लत होने की आशंका बढ़ गई है। AIMTC ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी न होने तक 16 लाख ट्रक सड़कों पर नहीं उतरेंगे।
#WATCH | Delhi | Taxi driver Narendra Tiwari says, “The condition is very bad as the prices have decreased. Rapido was paying ₹30 per km from 18 to 25 April, which has now been reduced to ₹15-16… We are protesting from 21-23, so let’s see what will happen…” pic.twitter.com/K5xiFv4WIR
दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल पर टैक्सी और ऑटो यूनियनों के हड़ताल का असर दिख रहा है…रेलवे स्टेशन पर यात्री अपने सामान के साथ पैदल जाते दिख रहे हैं…हड़ताल के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.@dtptraffic@CMODelhipic.twitter.com/JdJdCE2htg
हालांकि, दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग की ओर से अभी तक इस हड़ताल पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आम लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अगले तीन दिनों तक जरूरी सामान पहले से खरीद लें और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
दिल्ली में “चक्का जाम” का असर। संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक खड़े करवाए गए। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने 21 से 23 मई तक बुलाई हड़ताल। बढ़े ECC और 1 नवंबर से BS 4 कमर्शल गाड़ियों पर रोक के खिलाफ प्रोटेस्ट। pic.twitter.com/LsMR6FVfHB