दिल्ली: अक्टूबर का दो साल में सबसे कम न्यूनतम तापमान, प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार
दिल्ली: अक्टूबर का दो साल में सबसे कम न्यूनतम तापमान, प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार
नयी दिल्ली, 24 अक्ट्रबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार रात न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो पिछले दो वर्षों में अक्टूबर महीने का सबसे कम तापमान है। इसके साथ ही यहां मामूली सुधार के साथ वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई जबकि पिछले चार दिन से यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में थी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री कम है और इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है।
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में 15 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा था।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
दिल्ली में शनिवार को सुबह के समय धुंध छाए रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है तथा अधिकतम तापमान के 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान के 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है और 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 275 रहा जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
सीपीसीबी के समीर ऐप के अनुसार, आनंद विहार में एक्यूआई 414 दर्ज किया गया जो सभी निगरानी केंद्रों में सबसे अधिक है। दिल्ली के 38 निगरानी केंद्रों में से 10 ने वायु गुणवत्ता को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया, 24 ने इसे ‘खराब’ श्रेणी में और तीन केंद्रों ने ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज किया।
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, इसकी तुलना में पड़ोसी शहरों जैसे गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता का स्तर 200 के आसपास रहा जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
केंद्र की वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (ईडब्ल्यूएस) के पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि दिल्ली का एक्यूआई शनिवार तक ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बने रहने की संभावना है, जिसके बाद अगले छह दिन तक यह ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ के बीच रह सकता है।
सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच ‘एक्यूआई’ को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच को ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ माना जाता है।
निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के वायु प्रदूषण में शुक्रवार को परिवहन उत्सर्जन का योगदान 17.8 प्रतिशत रहा।
इस बीच, उपग्रह डेटा से पता चला है कि बृहस्पतिवार को पंजाब में पराली जलाने की 28 और उत्तर प्रदेश में 13 घटनाएं हुईं।
भाषा यासिर नेत्रपाल
नेत्रपाल

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