दिल्ली: 7,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे निष्क्रिय मिले; रखरखाव के लिए निविदा जारी करने की योजना

दिल्ली: 7,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे निष्क्रिय मिले; रखरखाव के लिए निविदा जारी करने की योजना

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 05:47 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 05:47 PM IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से पिछले साल किए गए सुरक्षा ऑडिट में पूरी दिल्ली में 7,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे निष्क्रिय अवस्था में पाए गए थे।

राष्ट्रीय राजधानी को अधिक सुरक्षित बनाने के मकसद से 2020 में सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की पहल शुरू की गई थी। सरकार विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और बाजार संघों की मदद से अब तक लगभग 2.8 लाख सीसीटीवी कैमरे लगा चुकी है।

दिल्ली विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार की ओर से पेश की गई ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 7,535 कैमरे निष्क्रिय अवस्था में पाए गए, जिसकी वजहों में बिजली कटौती, तकनीकी खराबी, चोरी, तोड़फोड़ या कैमरों को हटाया अथवा कहीं और स्थानांतरित किया जाना शामिल है।

पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने कहा, “तकनीकी खराबी की श्रेणी में ज्यादातर नेटवर्क प्रदाता कंपनी से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं और इसमें ‘सेंट्रल कमांड सेंटर (सीसीसी)’ में ‘लाइव फीड’ प्रसारित नहीं होता। इसके अलावा, कलपुर्जों की चोरी और बिजली कटौती जैसे बाहरी कारक भी हैं। हम भविष्य की निविदाओं के जरिये इन सभी समस्याओं को हल करने का प्रयास करेंगे।”

अधिकारी के मुताबिक, शहर को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली सरकार 50 हजार अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि सरकार इन कैमरों के रखरखाव को भी प्राथमिकता देगी।

सीसीटीवी कैमरे मुख्यतः बाजारों, सड़कों, आवासीय कॉलोनियों और व्यापारिक केंद्रों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाते हैं। ये कैमरे पीडब्ल्यूडी मुख्यालय स्थित ‘सेंट्रल कमांड सेंटर’ से जुड़े होते हैं।

अधिकारी ने बताया कि विभाग ने कैमरों के रखरखाव का काम रक्षा मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बीईएल) को सौंपा है।

उन्होंने कहा, “हम भविष्य में सीसीटीवी कैमरों के उचित रखरखाव के लिए एक समेकित निविदा जारी करने की योजना बना रहे हैं। वर्तमान में रखरखाव कार्य के लिए हमारे पास एक अलग कंपनी है।”

अधिकारी ने कहा कि निष्क्रिय कैमरों की संख्या वास्तविक समय में किए गए आकलन पर आधारित है और इसमें स्थिति के अनुसार लगातार बदलाव होता रहता है।

भाषा पारुल माधव

माधव