दिल्ली पुलिस ने 18 मामलों में वांछित रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने 18 मामलों में वांछित रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने 18 मामलों में वांछित रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया
Modified Date: January 12, 2026 / 05:50 pm IST
Published Date: January 12, 2026 5:50 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने रोहित गोदारा–गोल्डी बराड़ गिरोह के एक सदस्य को उत्तर प्रदेश के लोनी से गिरफ्तार किया है। वह कई आपराधिक मामलों में वांछित था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एक अधिकारी ने सोमवार को बताया।

आरोपी विकास उर्फ ​​विक्की हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले का निवासी है और वह चाणक्यपुरी थाने में दर्ज शस्त्र अधिनियम के एक मामले में वांछित था।

पुलिस ने बताया कि विकास, रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गिरोह का एक सक्रिय सदस्य था और उसने इस गिरोह के लिए एक महत्वपूर्ण रसद संबंधी भूमिका निभाई थी।

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उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है और उसपर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित चार राज्यों में फैले कम से कम 18 आपराधिक मामलों में कथित तौर पर संलिप्त होने का आरोप है।

रिपोर्ट के अनुसार, उसने 2023 में गुरुग्राम में एक किराए के फ्लैट में गिरोह के लगभग 10 सदस्यों के रहने की व्यवस्था की थी, जहां वे कथित तौर पर प्रतिद्वंद्वी कौशल गिरोह के नेता कौशल चौधरी की अदालत परिसर के अंदर हत्या की योजना बनाने के लिए इकट्ठा हुए थे।

पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) पंकज कुमार ने बताया कि पुलिस ने प्राप्त सूचनाओं के आधार पर गिरोह के सदस्यों को फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया, जबकि विकास भाग गया।

इस घटना के बाद हरियाणा एसटीएफ ने उसकी गिरफ्तारी में सहायक जानकारी देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की।

लगभग छह महीने बाद विकास को हरियाणा पुलिस ने हिसार से पकड़ लिया, लेकिन रिहाई के बाद वह फिर से भूमिगत हो गया।

डीसीपी ने बताया, ‘पूछताछ के दौरान विकास ने बताया कि 2021 में जयपुर जेल में बंद रहने के दौरान वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आया था।’

लॉरेंस बिश्नोई गुट और रोहित गोदारा–गोल्डी बराड़ गिरोह के बीच मतभेद बढ़ने के बाद उसने कथित तौर पर पाला बदल लिया और वह रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गिरोह का सक्रिय सदस्य बन गया। पुलिस के अनुसार, वह गिरोह के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से लूट और रंगदारी जैसी वारदात में शामिल था।

विकास पिछले साल 23 जून को चाणक्यपुरी थाने में दर्ज शस्त्र अधिनियम के एक मामले में फरार था और हरियाणा व दिल्ली में पांच मामलों में उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया था।

चाणक्यपुरी इलाके में नियमित रात्रि गश्त के दौरान पुलिस दल ने एक अस्थायी पंजीकरण संख्या वाली कार को रोका, जिसमें से एक अवैध पिस्तौल बरामद हुई।

इसके बाद पुलिस ने गुरमीत और अमित नाम के दो लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि विकास भाग गया।

चाणक्यपुरी मामले में उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्यवाही शुरू की गई थी।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप


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