दिल्ली पुलिस ने छह साइबर ठगों को राजस्थान एवं मप्र से गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने छह साइबर ठगों को राजस्थान एवं मप्र से गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने छह साइबर ठगों को राजस्थान एवं मप्र से गिरफ्तार किया
Modified Date: August 4, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: August 4, 2026 4:27 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन प्रचार संबंधी कार्य और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के जरिये मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर राष्ट्रीय राजधानी निवासी एक व्यक्ति से कथित रूप से ठगी करने वाले साइबर जालसाज़ गिरोह के छह सदस्यों को राजस्थान और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने दिल्ली निवासी एक व्यक्ति से फर्जी ऑनलाइन प्रचार कार्य पर उच्च कमीशन देने और फर्जी क्रिप्टोकरेंसी कारोबार मंच के माध्यम से निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर 4.29 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।

पुलिस के मुताबिक, जालसाज़ों ने डिजिटल विपणन कंपनी के प्रतिनिधि बनकर पीड़ित को पहले एक समूह में शामिल किया, फिर उसका विश्वास हासिल करने के लिए उसे कुछ कमीशन का भुगतान किया और इसके बाद उसे दूसरे समूह में जोड़ा गया, जहां उसे फर्जी प्रचार कार्यों और फर्जी क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग मंच के माध्यम से बड़ी राशि निवेश करने के लिए राजी किया गया।

दक्षिण पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अमित गोयल ने कहा कि जालसाजों ने फर्जी मुनाफा दिखाया और शिकायतकर्ता से ऑनलाइन माध्यम से पैसे स्थानांतरित कराए तथा जब उसने राशि निकालने की मांग की, तो उन्होंने कथित तौर पर दावा किया कि उसका ट्रेडिंग खाता ‘फ्रीज’ कर दिया गया है एवं खाता सक्रिय करने तथा निकासी प्रक्रिया के लिए और पैसों की मांग की।

ठगे जाने का अहसास होने के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद दक्षिण पश्चिम जिले में ई-प्राथमिकी दर्ज की गई।

डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड, कॉल विवरण रिकॉर्ड, एटीएम की सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों का विश्लेषण किया।

उन्होंने बताया कि जांच करते हुए टीम पहले जयपुर पहुंची जहां ‘म्यूल’ (कमीशन पर मिलने वाला) बैंक खाता धारक सुरेश कुमार यादव और खाते की व्यवस्था करने वाले पूरनमल यादव को गिरफ्तार किया गया।

अधिकारी ने बताया कि इसके बाद जांच में पता चला कि ठगी से हासिल पैसे को मध्य प्रदेश में इंदौर के एटीएम से निकाला गया था और कथित रूप से पैसा निकालने वाले अरशान मोहम्मद और गुफरान कुरैशी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बाद में अभिजीत पाटीदार और आर्यन राठौड़ को भी गिरफ्तार किया, जिन्होंने ठगी का पैसा हासिल करने के लिए बैंक खाते कथित रूप से उपलब्ध कराए थे।

पुलिस ने बताया कि छह मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनमें अपराध से जोड़ने वाली बातचीत है।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश


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