दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, दो गिरफ्तार

Ads

दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, दो गिरफ्तार

  •  
  • Publish Date - January 24, 2026 / 06:32 PM IST,
    Updated On - January 24, 2026 / 06:32 PM IST

नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके दो कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के कब्जे से चोरी की 11 कार बरामद की गई हैं, जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों से चुराई गई 10 एसयूवी शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुंबई निवासी कुणाल सुभाष जायसवाल (23) और उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी काशिफ के रूप में हुई है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह गिरोह महंगे वाहन चुराने, उनके चेसिस से छेड़छाड़ करने और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए वाहनों के विवरण का दुरुपयोग कर चुराए गए वाहनों का फर्जी पंजीकरण कराने में शामिल था।”

अधिकारी के अनुसार, यह मामला पिछले साल 27-28 दिसंबर की दरमियानी रात को जामिया नगर इलाके से एक एसयूवी के चोरी होने के बाद सामने आया।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस को उत्तर प्रदेश, मुंबई, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में चोरी किए गए वाहनों के खरीदार के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी।

उन्होंने बताया कि सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पहले जायसवाल को मुंबई से गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चोरी की एक एसयूवी बरामद की।

अधिकारी के मुताबिक, जायसवाल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गिरोह में शामिल कथित मुख्य वाहन चोर काशिफ को भी गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर चोरी की एक अन्य कार बरामद की।

अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कुल 11 वाहन बरामद किए। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि कई वाहनों को महाराष्ट्र में उन खरीदारों को बेच गिया गया, जिन्हें इनके चोरी होने की जानकारी नहीं थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली से वाहन चुराकर महाराष्ट्र ले जाते थे, जहां दुर्घटनाग्रस्त या ऋण न चुका पाने वाले कार मालिकों के वाहनों के विवरण का उपयोग कर चोरी किए गए वाहनों की पहचान संख्या बदल दी जाती थी। इसके बाद इन्हें आकर्षक कीमत पर बेच दिया जाता था।

पुलिस ने बताया की गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और चोरी के अन्य वाहनों का भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

भाषा प्रचेता पारुल

पारुल