नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षा कर्मियों द्वारा पैलेट गन का इस्तेमाल करने के कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आरोप को मंगलवार को खारिज कर दिया।
कॉजपा के प्रवक्ता सौरव दास ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया गया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया। वीडियो में भी दिख रहे व्यक्ति के चेहरे पर ऐसी चोटें दिखाई दे रही हैं जो पैलेट गन से घायल होने पर लगती हैं।
दिल्ली पुलिस ने जवाब में ‘एक्स’ पर लिखा, ‘फेक न्यूज़ अलर्ट।’
पुलिस ने कहा, ‘ऐसी खबरें कि पुलिस बल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल कर रहे हैं, पूरी तरह से झूठी और भ्रामक हैं।’
पुलिस ने लोगों से असत्यापित सामग्री को साझा या प्रसारित न करने का आग्रह किया और जनता को सोशल मीडिया पर जानकारी पोस्ट करने या आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों को सत्यापित करने की सलाह दी।
पुलिस ने कहा, ‘अफवाहें या गलत सूचना फैलाते हुए पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’
सोशल मीडिया पर एक अन्य पोस्ट में एक व्यक्ति ने दावा किया कि रैपिड एक्शन फोर्स (आरएपी) ने प्रदर्शनकारियों पर ‘स्टन गन’ का इस्तेमाल किया। पुलिस ने इस दावे को भी खारिज कर दिया।
पुलिस ने कहा, ‘ऐसी खबरें कि आरएएफ ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इलेक्ट्रिक स्टन गन का इस्तेमाल किया, पूरी तरह से झूठी और भ्रामक हैं।’
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार सुबह आठ बजे तक 186 घायलों को आरएमएल अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया। उनमें से 89 पुलिसकर्मी थे। पुलिस ने बताया कि 118 पुलिस कर्मी जख्मी हुए हैं।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
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