दिल्ली पुलिस ने 13 साल बाद 98 लाख रुपये के फार्मा धोखाधड़ी मामले को सुलझाया; सूरत से आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने 13 साल बाद 98 लाख रुपये के फार्मा धोखाधड़ी मामले को सुलझाया; सूरत से आरोपी गिरफ्तार
नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी के एक दशक से अधिक पुराने मामले को सुलझाते हुए गुजरात के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसपर 50,000 रुपये का इनाम था। आरोप है कि उसने दवा कंपनियों से लगभग 98 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने 24 मई को सूरत से हिम्मत सिंह लोढ़ा को गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि लोढ़ा को भगोड़ा घोषित किया गया था और वह पंजाबी बाग थाने में 2013 में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘इस मामले में, उसने कथित तौर पर एक कंपनी के मालिक होने का दावा किया और एक दवा कंपनी को 26 लाख रुपये से अधिक मूल्य का 550 किलोग्राम ग्लिक्लाजाइड (दवाओं में प्रयुक्त कच्चे माल) की आपूर्ति करने को कहा।’’
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भुगतान के लिए बाद की तारीखों के चेक जारी किए, लेकिन बाद में चेक बाउंस हो गए, क्योंकि संबंधित खाते बंद हो गए थे। माल प्राप्त करने के तुरंत बाद, लोढ़ा ने कथित तौर पर अपना कार्यालय और आवास खाली कर दिया तथा छिप गया।
अधिकारी ने बताया कि जुलाई 2016 में दिल्ली की एक अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था और उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की गई थी।
अधिकारी ने बताया, ‘‘जांच के दौरान, अपराध शाखा की एक टीम को यह भी पता चला कि लोढ़ा को 2012 में रानी बाग थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में भी भगोड़ा घोषित किया गया था। इस मामले में, उसने कथित रूप से कैलाश जैन नाम की फर्जी पहचान अपनाई और एक अन्य दवा कंपनी से लगभग 72 लाख रुपये मूल्य का करीब 2,575 किलोग्राम एम्ब्रोक्सोल एचसीएल बेईमानी से प्राप्त किया।’’
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कच्चे माल के बड़े ऑर्डर देने से पहले दवा कंपनियों का विश्वास जीतने के लिए जाली दस्तावेजों और फर्जी व्यावसायिक पहचान का इस्तेमाल किया। खेप मिलने के बाद, उसने कथित तौर पर कार्यालय बंद कर दिए, किराये पर ली गई जगह खाली कर दी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए गायब हो गया।
टीम ने करीब एक महीने तक काम किया और मुंबई, अहमदाबाद तथा सूरत में मिले सुरागों के जरिये आरोपी का पता लगाया और अंतत: उसे सूरत से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि मूल रूप से राजस्थान के उदयपुर जिले का निवासी लोढ़ा वर्तमान में सूरत और मुंबई में प्रोपर्टी डीलर का काम कर रहा था। दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
भाषा नोमान
नोमान सुरेश
सुरेश

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