नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने अफसरों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में गैस एजेंसियों की एक सूची तैयार करें और शहर में एलपीजी आपूर्ति की मौजूदा समस्या को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मियों को तैनात करें।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस कदम का उद्देश्य खाना पकाने के गैस सिलेंडरों का सुचारू वितरण सुनिश्चित करना और आपूर्ति संकट के दौरान कालाबाजारी के किसी भी प्रयास को रोकना है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि थाने के अधिकारियों (एसएचओ) को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों के आसपास पुलिस की मौजूदगी को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारी ने कहा, ‘कानून व्यवस्था बनाए रखने और वितरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए एसएचओ गैस एजेंसियों के पास पुलिस कर्मियों के साथ-साथ पीसीआर वैन और मोटरसाइकिल गश्ती दल तैनात करेंगे।’
उन्होंने कहा कि इस उपाय का प्राथमिक उद्देश्य एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी या अवैध रूप से उन्हें अधिक कीमतों पर बेचने के किसी भी प्रयास को रोकना है।
अधिकारी ने कहा, ‘हमारा एकमात्र उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी को रोकना है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लोगों को उचित वितरण प्रणाली के माध्यम से एलपीजी सिलेंडर प्राप्त हों।’
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुलिस उन दुकानदारों की सूची भी तैयार कर रही है जो कथित तौर पर छोटे एलपीजी सिलेंडरों को अत्यधिक ऊंची कीमतों पर रिफिल करते हैं, जो कि कालाबाजारी के अंतर्गत आता है।
अधिकारी ने कहा, ‘ऐसे दुकानदारों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी गैस की कालाबाजारी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के मानद कोषाध्यक्ष मनप्रीत सिंह ने बताया कि राजधानी के कई रेस्टोरेंटों को नियमित रूप से एलपीजी की आपूर्ति नहीं मिल रही है।
सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘दिल्ली में कई प्रतिष्ठानों को नियमित एलपीजी आपूर्ति नहीं मिल रही है। उनमें से कुछ अपने रसोईघरों को चालू रखने के लिए पाइप वाली प्राकृतिक गैस और इंडक्शन कुकिंग जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।’
उद्योग प्रतिनिधियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि व्यवधान लंबे समय तक जारी रहता है तो छोटे प्रतिष्ठानों को कर्मचारियों के वेतन को प्रभावित किए बिना बढ़ती परिचालन लागतों को प्रबंधित करने में कठिनाई हो सकती है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच यह कमी आई है, जिसके चलते सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस के आवंटन को एलपीजी उत्पादन, संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और पाइपलाइन द्वारा खाना पकाने की गैस के क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता दी है। सरकारी राजपत्र के माध्यम से अधिसूचित संशोधित आवंटन नीति के तहत, अन्य उद्योगों को आपूर्ति प्रदान करने से पहले इन क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा।
पुलिस एलपीजी सिलेंडरों की अवैध बिक्री या वितरण के माध्यम से कमी का फायदा उठाने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए स्थिति पर कड़ी नजर रखना जारी रखेगी।
इसी बीच, नोएडा में कई विरोध प्रदर्शन और सड़क अवरोध देखने को मिले, जहां पुलिस ने यातायात को नियंत्रित किया।
दिल्ली के विकास नगर से सामने आए दृश्यों में एक युवक को खाली एलपीजी सिलेंडर को अपनी पीठ पर लादकर, रिफिल की तलाश में गली-गली घूमते हुए दिखाया गया है।
उन्होंने कहा, “मैं सुबह से ही दुकान ढूंढ रहा हूं। घर का सिलेंडर कल शाम को खत्म हो गया। दुकानदार इसे 3,000 से 4,500 रुपये में बेच रहे हैं। पहले यह हमें 1,000 से 1,100 रुपये में मिल जाता था।”
उन्होंने बताया कि उनके इलाके में लोगों को सिलेंडर मिलने में काफी दिक्कत हो रही है क्योंकि ज्यादातर दुकानों में सिलेंडर खत्म हो चुके हैं।
भाषा तान्या नरेश
नरेश