दिल्लीः कनॉट प्लेस के ‘इनर सर्किल’ को वाहन मुक्त करने का व्यापारियों ने किया विरोध

दिल्लीः कनॉट प्लेस के 'इनर सर्किल' को वाहन मुक्त करने का व्यापारियों ने किया विरोध

दिल्लीः कनॉट प्लेस के ‘इनर सर्किल’ को वाहन मुक्त करने का व्यापारियों ने किया विरोध
Modified Date: September 3, 2026 / 05:37 pm IST
Published Date: September 3, 2026 5:37 pm IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) नयी दिल्ली मार्केट एसोसिएशन ने कनॉट प्लेस के इनर सर्किल को वाहनों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह के कदम का ‘कोई सवाल ही नहीं उठता।

एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज द्विवेदी की ओर से ‘एक्स’ पर की गई एक पोस्ट पर एसोसिएशन ने यह प्रतिक्रिया दी। इस पोस्ट में द्विवेदी ने कनॉट प्लेस के इनर सर्किल को निर्धारित घंटों के लिए वाहनों से मुक्त करने के बारे में लोगों की राय मांगी थी। एसोसिएशन ने कहा, ‘‘कनॉट प्लेस के इनर सर्किल को वाहनों से मुक्त करने का सवाल ही नहीं है, क्योंकि बाजार में पैदल आवाजाही के लिए पहले से ही पर्याप्त व्यवस्था है।’’

एसोसिएशन के एक सदस्य ने कहा कि इससे पहले भी इनर सर्किल को वाहनों से मुक्त करने का प्रयास किया गया था, जो सफल नहीं हुआ।

एसोसिएशन ने कहा कि शोरूम के सामने वाहनों की आवाजाही रोकने से कारोबार और बाजार तथा उसकी दुकानों की विशिष्टता प्रभावित हो सकती है।

वहीं, नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने एक पायलट परियोजना के तहत कनॉट प्लेस के 11 सार्वजनिक शौचालयों के संचालन का समय शुक्रवार से बढ़ाकर आधी रात तक करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य इन्हें आगंतुकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।

एनडीएमसी के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी ने कहा कि लोग अक्सर देर रात तक कनॉट प्लेस में रुकते हैं, इसलिए सार्वजनिक सुविधाओं के संचालन का समय बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में कनॉट प्लेस के सभी सार्वजनिक शौचालय रात 10 बजे तक खुले रहते हैं।

द्विवेदी ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लोग कनॉट प्लेस में देर तक रहना चाहते हैं। इसलिए कल से 11 सार्वजनिक शौचालयों के संचालन का समय बढ़ाकर आधी रात तक किया जा रहा है। आगे चलकर और शौचालयों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।’’

सार्वजनिक शौचालयों के संचालन का समय बढ़ाए जाने संबंधी एनडीएमसी अध्यक्ष के ‘एक्स’ पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ लोगों ने फैसले का स्वागत किया, लेकिन सार्वजनिक सुविधाओं के बेहतर रखरखाव और सुरक्षा की मांग भी की।

भाषा रवि कांत रवि कांत पवनेश

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