दिल्ली : आबकारी विभाग के कांस्टेबल और उसके चालक के अपहरण के मामले में दो लोग गिरफ्तार

दिल्ली : आबकारी विभाग के कांस्टेबल और उसके चालक के अपहरण के मामले में दो लोग गिरफ्तार

दिल्ली : आबकारी विभाग के कांस्टेबल और उसके चालक के अपहरण के मामले में दो लोग गिरफ्तार
Modified Date: March 23, 2026 / 07:20 pm IST
Published Date: March 23, 2026 7:20 pm IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) राजधानी दिल्ली में अवैध शराब की आपूर्ति में शामिल होने के संदिग्ध दो व्यक्तियों को पिछले महीने आबकारी विभाग के एक कांस्टेबल और उसके चालक को बंदूक का भय दिखाकर अगवा करने और धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि देश से भागने की कोशिश करते समय भारत-नेपाल सीमा तक अंतरराज्यीय पीछा करने के बाद ‘मुख्य षड्यंत्रकारी’ को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान हरियाणा के रोहतक निवासी राहुल नैन और झज्जर निवासी विनोद कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि विनोद कुमार एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 23 फरवरी की तड़के उस समय घटी, जब दिल्ली आबकारी विभाग के कांस्टेबल नरेश शर्मा और उनका चालक राहुल शालीमार बाग स्थित अग्रवाल ऑटो मॉल के पास अवैध शराब की आपूर्ति के संबंध में खुफिया जानकारी जुटा रहे थे।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘ कुछ हथियारबंद लोग नरेश और उनके चालक के पास आए और उनसे पूछताछ करने लगे। जब उन्हें नरेश की पहचान पता चली, तो वे आक्रामक हो गए। आरोप है कि हथियारबंद लोगों ने दोनों पर लाठियों से हमला किया, जिससे उन्हें चोटें आईं, और फिर उन्हें अपनी कार में बिठाकर अगवा कर लिया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी दोनों का अपहरण कर उन्हें हरियाणा के बहालगढ़ ले गए। अधिकारी ने बताया कि वहां उन दोनों को शराब के एक गोदाम में बंद कर दिया गया, जहां उनके साथ फिर मारपीट की गई, बंदूक का भय दिखाकर उन्हें धमकाया गया और डराने के लिए उनका वीडियो भी बनाया गया। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कांस्टेबल से उनका पर्स भी लूट लिया। उन्होंने बताया कि पर्स में पहचान पत्र और 8,000 रुपये नकद थे।

अधिकारी ने बताया कि कुछ समय बाद आरोपियों ने दोनों को छोड़ दिया, जिसके बाद पीड़ित ने आपातकालीन हेल्पलाइन के जरिए पुलिस को इसकी सूचना दी। दोनों घायलों का बीजेआरएम अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।

उन्होंने बताया कि मामले में शिकायत के आधार पर शालीमार बाग थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और आरोपियों की गतिविधियों को हरियाणा के सोनीपत जिले के बहालगढ़ तक ट्रैक किया। अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने राहुल नैन को मुख्य आरोपी के रूप में चिन्हित कर गिरफ्तार किया। अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में नैन ने अपने साथियों के नाम बताए। उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी विनोद कुमार का पीछा किया, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में ठिकाने बदल रहा था।

उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने उसका पीछा जीरकपुर, नैनीताल और कैंची धाम तक किया और अंततः 18 और 19 मार्च की दरमियानी रात भारत-नेपाल सीमा के पास उसे गिरफ्तार कर लिया, जब वह देश से भागने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है। पुलिस ने बताया कि उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल वाहन और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

भाषा रविकांत दिलीप

दिलीप


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