नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) दिवाली के बाद दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। विपक्षी आप ने दिल्ली सरकार की आलोचना की है, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी द्वारा शासित पंजाब में पराली जलाने को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार से जानना चाहा कि उसने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कृत्रिम बारिश कराने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिवाली के दौरान प्रतिबंधित पटाखे फोड़े गए और सवाल किया कि क्या दिल्ली सरकार पटाखा निर्माण लॉबी के साथ मिली हुई है।
आप नेता ने यह भी दावा किया कि दिवाली की रात वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं था और इसके लिए उन्होंने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।
पलटवार करते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एक बयान में भारद्वाज सहित आप नेताओं पर आरोप लगाया कि वे दिवाली और पटाखे फोड़ने पर वायु गुणवत्ता में गिरावट का दोष मढ़कर अपने अल्पसंख्यक वोट बैंक को सुरक्षित करने के लिए तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “इसीलिए वे किसी न किसी मुद्दे पर जनता में भ्रम फैलाते रहते हैं। इस समय आप नेता पटाखों को प्रदूषण बढ़ने का जिम्मेदार ठहराते हुए बयान दे रहे हैं और उन पर फिर से प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।”
सचदेवा ने कहा कि दिवाली पर पटाखे फोड़ना एक “स्वागत योग्य संकेत” है और शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति पर इसका कोई खास नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है।
सचदेवा ने कहा कि पिछले साल आप शासन के तहत दिवाली के अगले दिन 31 अक्टूबर, 2024 की सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 396 दर्ज किया गया था। इसकी तुलना में इस साल 21 अक्टूबर को दिल्ली का औसत एक्यूआई 356 दर्ज किया गया था।
उन्होंने दावा किया, “कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकारों ने प्रदूषण नियंत्रण या स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। अब, जब रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार स्थिति सुधारने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है, तो बयानबाजी में माहिर आप नेता सक्रिय रूप से इसे पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं।”
सचदेवा ने जोर देकर कहा कि आप शासित पंजाब में किसान अपने खेतों की सफाई कर रहे हैं, जहां पराली जलाई जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर के बीच पंजाब में पराली जलाने की कुल 309 बड़ी घटनाएं दर्ज की गईं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया, “यह शर्मनाक है कि पंजाब में आप सरकार ने न तो पहले किसानों को पराली जलाने से रोकने में मदद की और न ही अब बाढ़ प्रभावित किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए कोई सहायता दे रही है।”
सचदेवा ने कहा कि यह “सच” है कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है; हालांकि, यह भी सच है कि 17 अक्टूबर को प्रदूषण बढ़ने से दो-तीन दिन पहले ही पंजाब में पराली जलाने की खबरें आने लगी थीं।
आप नेताओं ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रतिबंधित पटाखे तथाकथित हरित पटाखों के साथ खुलेआम फोड़े जा रहे हैं।
भारद्वाज ने आरोप लगाया, “मेरे फोन ऐप पर दिल्ली का एक्यूआई 600 दिखा रहा है। मुझे नहीं पता कि भाजपा सरकार ने ऐसा क्या किया है जिससे यह स्थिति पैदा हुई है। लेकिन सच तो यह है कि मुख्यमंत्री खुद एक्यूआई का सही उच्चारण भी नहीं जानतीं — फिर भी वह आईक्यू, एआईक्यू और ऐसे ही दूसरे शब्दों की बात करती रहती हैं। उन्हें बस इतनी समझ नहीं है।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिवाली के बाद कृत्रिम बारिश की योजना बनाई थी, लेकिन कुछ भी नहीं हो रहा है। उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा चाहती है कि लोग बीमार पड़ें।
भाषा प्रशांत दिलीप
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